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पिता चलाते हैं तांगा और बेटी अब एशियन गेम्स में फहराएगी भारतीय झंडा, जानें रानी रामपाल की पूरी कहानी

Sun, 02 Sep 2018 11:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 02 Sep 2018 11:44 AM IST
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Success Story of Indian women's hockey team captain Rani Rampal
रानी रामपाल
एशियाई खेलों के समापन समारोह में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया है। इसी के साथ वो इन ऐतिहासिक पलों की गवाह बनेगीं। रानी का बचपन काफी मुसीबतों से गुजरा है। रानी के पिता तांगा चलाकर गुजर बसर कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल के बारे में...
Success Story of Indian women's hockey team captain Rani Rampal
रानी रामपाल
रानी रामपाल का जन्म हरियाणा के शाहबाद मारकंडा में 1994 में हुआ। रानी अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और उनकी संघर्ष की कहानी काफी लंबी है। रानी रामपाल के पिता परिवार चलाने के लिए तांगा चलाते हैं। वहीं दो बड़े भाई किसी दुकान में काम करते हैं। लेकिन तमाम दुश्वारियों को दरकिनार करते हुए रानी ने खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाकर परिवार और देश का नाम रोशन किया। 
Success Story of Indian women's hockey team captain Rani Rampal
भारतीय महिला हॉकी टीम की कैप्टन रानी रामपाल
महिला हॉकी टीम में  जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ रानी ने अपने परिवार की  जिम्मेदारी संभाली। साल 2010 विश्व कप में भाग लेने वाली वो भारतीय हॉकी टीम की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं। उस वक्त रानी रामपाल की उम्र महज 15 साल थी। इसके बाद रानी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बेहतर प्रदर्शन का नतीजा ही रहा कि रानी को रेलवे में क्लर्क की नौकरी मिल गई । नौकरी मिलने के बाद रानी ने पिता का हाथ बटाना शुरू कर दिया। 10 साल की उम्र में ही रानी ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था। 

 
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Success Story of Indian women's hockey team captain Rani Rampal
रानी रामपाल - फोटो : SELF
2010 में 15  साल की उम्र में वो महिला हॉकी विश्व कप में सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। इसके बाद जूनियर हॉकी विश्व कप 2013 में रानी रामपाल को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। अर्जेंटीना में हुए महिला हॉकी विश्व कप में सात गोल दागकर रानी ने सर्वश्रेष्ठ यंग फॉरवर्ड खिलाड़ी का अवॉर्ड अपने नाम किया था।



 
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Success Story of Indian women's hockey team captain Rani Rampal
rani rampal father - फोटो : amarujala
रानी रामपाल  ने साल 2009 में एशिया कप में भारतीय टीम को रजत पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था। 2013 में जूनियर हॉकी महिला टीम ने कांस्य पदक जीता था। विश्व कप प्रतियोगिता में ये भारत का 38 साल बाद मिलने वाला पदक था। वहीं इस बार 23 साल की रानी की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 20 साल बाद रजत पदक जीता है। फाइनल में जापान से 1-2 से हार के कारण 36 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने से भारतीय टीम चूक गई। 
 
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