महिलाएं ध्यान दें, अगर आप तनाव लेती हैं तो संभल जाएं। इन लक्षणों को देखिए, कहीं आपको ये गंभीर बीमारी तो नहीं हो गई।
पॉलीसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं की एक गंभीर बीमारी है। इससे पीड़ित होने के बाद महिलाओं में मेल हार्मोन एक्टिव होते हैं। पीरियड का अनियमित होना, मर्दो की तरह बाल आना, बालों का झड़ना, मोटापा बढ़ना, गर्भधारण न करना जैसे लक्षण आते हैं। इससे महिलाएं तनाव में आती हैं।
फिर महिलाओं को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इससे मुश्किलें और बढ़ती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए पीजीआई की ओपीडी में स्थित रूम नंबर 2060 एक उम्मीद दिखाता है। यहां पर आने के बाद महिलाएं जब रूम से जाती हैं तो उनके चेहरे पर खुशी और सुकून देखने वाला होता है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
यहां पर महिलाओं को पीसीओएस से मुक्ति मिलती है। वीरवार को ऐसी कई महिलाओं के अनुभव पीजीआई में आयोजित पीसीओएस के सेमिनार में पेश किए गए। रूम नंबर 2060 में बैठने वाली ईश्वरप्रीत कौर ने बताया कि इसके ठोस कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। लेकिन कुछ स्टडीज में सामने आया है कि इसके पीछे जेनेटिक, लाइफ स्टाइल का बिगड़ना और जंक फूड का खाना।
पीसीओएस का एक कारण तनाव भी है। इससे महिलाओं में हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है। और वह पीसीओएस का शिकार होने लगती हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं के गर्भधारण पर पड़ता है। वे गर्भधारण नहीं कर पाती हैं। कई महिलाओं के चेहरे पर मर्दो की तरह दाढ़ी और मूंछ आने लगती हैं।