बाजार से 500 और 1000 के नोट बंद होते ही हम निकले बाजारों में दुकानदारों का स्टिंग ऑपरेशन करने तो देखिए क्या सामने आया सच?
सरकार के फैसले से परेशान निम्न वर्ग से संबंधित लोग दुकानों पर अपनी जेब में पड़े चंद हजार व पांच सौ रुपये के नोटों को छुट्टे कराते दिखाई दिए। मगर उन्हें अपने नोट छुट्टे करवाने के बदले कुछ कीमत चुकानी पड़ी। मौके का फायदा उठा कुछ दुकानदार ऐसे लोगों से बड़े नोटों के छुट्टे करने के एवज में सौ रुपये काटते नजर आए।
एक मोबाइल विक्रेता को जब 500 रुपये थमाकर 200 रुपये का रिचार्ज करने को बोला गया तो उसने बताया कि रिचार्ज के 100 रुपये अतिरिक्त लेगा। अन्यथा खुले पैसे दें।
वहीं, काफी जगह पर 500 के 300 या 400 रुपये में बिकने की कई शिकायतें सुनने को मिलीं। बस कंडक्टर तो ये पूछकर ही बस में बैठा रहे थे कि नोट 500 को तो नहीं।
रातो-रात लिए गए एक हजार व पांच सौ के नोट बंद करने के फैसले को लोग प्रधानमंत्री का मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। दिन भर शहर के हर गली-मोहल्ले व दुकानों पर मोदी के इस फैसले की ही चर्चाएं होती रहीं, वहीं सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री मोदी ही छाए रहे। ज्यादातर लोग अचानक उठाए इस कदम से हैरत में भी हैं।