बच्चों को सेक्स शिक्षा दी जाए या नहीं जैसे विवादित मुद्दे पर फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने दी अपनी बेबाक राय। देखिए तस्वीरों में।
बच्चों को सेक्स एजूकेशन पर फिल्म अभिनेत्री की बेबाक राय
बच्चों को सेक्स शिक्षा दी जाए या नहीं जैसे विवादित मुद्दे पर इस फिल्म अभिनेत्री ने दी अपनी बेबाक राय। दरअसल फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने सोमवार को हरियाणा के रोहतक स्थित एमडीयू में सामाजिक संस्था ‘ब्रेकथ्रू’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा, बच्चे राह से न भटक न जाएं, इसके लिए स्कूलों और घरों में सेक्स एजुकेशन पर बात करनी जरूरी है।'
बच्चों को सेक्स एजूकेशन पर फिल्म अभिनेत्री की बेबाक राय
उन्होंने कहा कि अभिभावक भी इस मुद्दे पर अपने बच्चों से खुलकर बात करें। उन्होंने कहा कि लड़कियों को काम के लिए बेहतर माहौल देना हर संस्थान की जिम्मेदारी है। आज वह खुद भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना अच्छा आउटपुट दे पा रही हैं तो इसके पीछे मुख्य वजह सुरक्षित माहौल है। पिछले 10-15 वर्षों में फिल्म इंडस्ट्री का माहौल बदला है। अब प्रॉड्यूसर, निर्देशक और पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम में भी काफी संख्या में महिलाएं हैं। इस वजह से बदलाव भी आ रहा है।
बच्चों को सेक्स एजूकेशन पर फिल्म अभिनेत्री की बेबाक राय
कुरैशी ने कहा कि ब्रेकथ्रू का भी यही मिशन है कि जितनी ज्यादा औरतें होंगी, यह दुनिया उनके लिए और भी बेहतर होगी। वहीं महिलाओं को ही महिला की दुश्मन बताते हुए हुमा ने कहा कि लंबे अरसे से पुरुष सत्ता समाज के चलते महिलाओं की रूढ़िवादी मानसिकता बन गई है। इस वजह से एक औरत दूसरी औरत की बड़ी दुश्मन है। पर, अब यह सोच बदलनी होगी। महिला और पुरुष दोनों की मानसिकता बदलने की जरूरत है।
बच्चों को सेक्स एजूकेशन पर फिल्म अभिनेत्री की बेबाक राय
एमडीयू के राधाकृष्णन सभागार में ब्रेकथ्रू के ‘मिशन हजार’ अभियान के राज्यस्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि फर्क इससे नहीं पड़ता है कि बेटा-बेटी एक्टर, इंस्पेक्टर बने या डॉक्टर। जरूरी यह है कि समाज में लड़कियों को सुरक्षित महसूस करने लायक माहाल दिया जाए ताकि वो पढ़ सकें। बेहतर समाज बनाने की इस लड़ाई को हम लड़कियां अकेले नहीं लड़ सकती है। इसके लिए अपने माता-पिता, भाई और दोस्तों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनकी रुढ़िवादी सोच बदलने की जरूरत है।