अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कस्टमर हैं तो जान लीजिए कि बैंक ने एक अक्तूबर से अपने कई नियम बदल दिए हैं। कौन कौन से, यहां देखिए...
एसबीआई की सहयोगी छह शाखाओं- स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रवणकोर और भारतीय महिला बैंक के चैक अमान्य हो गए हैं। एक अक्तूबर से यह नियम लागू हो गया है। अब ग्राहकों को नई चेक बुक लेनी होगी, इसके लिए नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर तुरंत आवेदन कर लीजिए।
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एसबीआई
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एसबीआई ने मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस (एमएबी) लिमिट को कम कर दिया है। अब मेट्रो शहरों में सेविंग बैंक अकाउंट होल्डर के लिए 3,000 रुपए का मिनिमम एवरेज बैलेंस (मंथली) ही अनिवार्य होगा। इससे पहले यह लिमिट 5,000 रुपए थी। वहीं शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम बैलेंस की शर्त क्रमश: 3,000 रुपए, 2,000 रुपए और 1,000 रुपए रहेगी। यह नियम भी एक अक्तूबर से लागू हो गया है।
एसबीआई ने पेंशनभोगियों, सरकार की सामाजिक योजनाओं के लाभार्थियों तथा नाबालिग खाताधारकों को बचत खाते में न्यूनतम बकाया की सीमा से छूट दी है। बैंक ने मिनिमम बैलेंस न रखने पर जुर्माना भी घटा दिया है। बैंक ने जुर्माना राशि 20 से 50 फीसदी कम की है। अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह शुल्क या जुर्माना राशि 20 से 40 रुपये होगी। वहीं शहरी और महानगरों के लिए यह 30 से 50 रुपये होगी।
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एसबीआई के नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक खाता खुलवाने के एक वर्ष के भीतर उसे बंद करवाता है तो उसे किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। रेग्युलर सेविंग बैंक एकाउंट और बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट एकाउंट के बंद कराने पर भी किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।