पाकिस्तान मुर्दाबाद, मोदी जी बदला लो। आर पार की लड़ाई हो... के नारों के साथ शहीद बख्तावर सिंह को उनकी पत्नी जसबीर कौर ने अंतिम विदाई दी।
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शहीद बख्तावर को दी गई अंतिम विदाई
शुक्रवार को एलओसी पर पाकिस्तान की फायरिंग में शहीद हुए बख्तावर सिंह का गांव हाजीपुर में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पार्थिव शरीर को बड़े बेटे सुखविंद्र सिंह ने मुखग्नि दी। वहीं पिता, पत्नी और दोनों बच्चों ने शहीद को सेल्यूट करके श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एक ओर भारतमाता का जयकारा लगा, दूसरी ओर शहीद की पत्नी ने भारतीय सेना जिंदाबाद व पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा कर श्रद्धांजलि दी।
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शहीद बख्तावर को दी गई अंतिम विदाई
वहीं शहादत पर बख्तावर सिंह की पत्नी का कहना है कि उन्हें पति की कुर्बानी पर गर्व है। वे देश पर कुर्बान हुए और वे उनकी बहादुरी को सलाम करती हैं। सिर गर्व से ऊंचा कर जसवीर कौर ने सरकार से अपने लिए एक नौकरी की मांग की। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर क्षेत्र में अमन की बहाली के लिए या तो कोई स्थायी हल करे या पाकिस्तान की ओर से की जा रही नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दें।
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शहीद बख्तावर को दी गई अंतिम विदाई
शहीद के पिता प्रीतम सिंह को अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि वे बख्तावर के बच्चों को भी देश सेवा के लिए भेजेंगे, ताकि पिता के सपने को पूरा कर सकें। प्रीतम सिंह ने कहा कि अब मोदी सरकार को आरपार की लड़ाई करनी चाहिए। शहीद के जीजा पूर्व सैनिक गुरनाम सिंह ने कहा कि अब बहुत हो चुका। सरकार आरपार की लड़ाई लडे़ नहीं तो हम लोगों को ही बॉर्डर पर भेजें।
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शहीद बख्तावर को दी गई अंतिम विदाई
शहीद के पिता प्रीतम सिंह ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। दो बेटे फौज में हैं और एक अन्य काम करता है। बख्तावर उनका सबसे छोटा बेटा था। वह प्राइमरी और 12वीं की शिक्षा हाजीपुर के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त करने के बाद वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुआ था। इस समय वह आठ-सिखलाई रेजीमेंट में राजौरी नौशेरा सेक्टर में हवलदार के पद पर तैनात था।