{"_id":"c09aa41040e41d594d9c6e950ad6d746","slug":"silent-killer-lungs-disease-may-be-due-to-smoking-addiction","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी
Thu, 08 Oct 2015 03:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
Updated Thu, 08 Oct 2015 03:29 PM IST
विज्ञापन
कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी
1 of 10
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
क्या आपको कश मारने की लत है? क्या आप काफी लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ये जानलेवा बीमारी हो सकती है।
कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी
2 of 10
बात कर रहे हैं, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) की। ये एक साइलेंट किलर है जो सांस नली की सिकुड़न से शुरू होकर जान की दुश्मन बन जाती है। इस रोग में सांस नली में सिकुड़न व सूजन आ जाती है, जो फेफड़ों को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकती है।
कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी
3 of 10
डॉक्टर एमएल अत्री बताते हैं कि 'सीओपीडी' के दो प्रकार हैं। पहला, क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस और दूसरा एमफीसीमा। क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस में सामान्यत: एक लंबे वक्त तक रोगी को खांसी व बलगम की शिकायत रहती है। वहीं, एमफीसीमा में एक अर्से के बाद रोगी के फेफड़े क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी
4 of 10
डॉक्टर एमएल अत्री बताते हैं कि इस रोग में सबसे पहले खांसी आती है। खांसी के साथ बलगम भी निकलता है। पीड़ित व्यक्ति की सांस फूलती है। इस स्थिति में मरीज अक्सर हांफने लगता है और समय के साथ यह स्थिति और बिगड़ती जाती है। और तो और, व्यायाम करने पर सांस कहीं अधिक उखड़ने लगती है।
विज्ञापन
कश मारने की लत है, सावधान! ये जानलेवा बीमारी हो जाएगी
5 of 10
डॉक्टर अत्री बताते हैं कि सांस फूलने की हर बीमारी सीओपीडी नहीं होती। इसमें उम्र सबसे अहम होती है। दोनों ही बीमारी फेफड़ों और सांस की नली से जुड़ी होती है। दोनों में बहुत कम अंतर होता है। इसे आसानी से पहचाना नहीं जा सकता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।