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देश में एक महाराजा, जिनकी 2 बर्थडेट, 2 डेथ डेट...और 2 बर्थ प्लेस

Wed, 28 Jun 2017 09:31 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 28 Jun 2017 09:31 AM IST
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sher-e-punjab maharaja ranjit singh biography
शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह
देश में एक ऐसे महाराजा हुए हैं, जिनके साल में दो जन्मदिन मनाए जाते हैं। दो पुण्यतिथियां हैं और दो जगहों को उनका जन्मस्थान माना जाता है। देखिए, कौन हैं ये।
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sher-e-punjab maharaja ranjit singh biography
शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह
बात हो रही है, शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह की। हर साल 2 और 13 नवंबर को इनका जन्मदिवस मनाया जाता है। 27 और 29 जून को इनकी बरसी मनाई जाती है। उनका जन्म गुजरांवाला में हुआ या बडरूखा में। सबके जवाब प्रमाणिक दस्तावेजों सहित हमारे सामने है। शोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ ने बताया कि जरूरत महज सिख विद्वानों के एकमत होकर इन सवालों के सही जवाब पर मोहर लगाने की है।
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शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह
कोछड़ कहते हैं कि जब तक इन सवालों के जवाब सामने नहीं आ जाते, तब तक महाराजा रणजीत सिंह से संबंधित इतिहास को पूर्ण नहीं माना जा सकता। कोछड़ बताते हैं कि 59 वर्ष तक जिंदा रहे महाराजा ने 23 हिंदू, सिख तथा मुस्लिम महिलाओं से शादी की, जबकि उनके पुत्र महाराजा दलीप सिंह ने निजी डायरी में लिखा कि उसे गर्व है कि 42 रानियों का सुपुत्र हैं।
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शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह
महाराजा रणजीत सिंह के आठ सुपुत्रों, शहजादा खड़क सिंह, ईशर सिंह, शेर सिंह, तारा सिंह, मुल्ताना सिंह, कश्मीरा सिंह, पिशौरा सिंह तथा शहजादा दलीप सिंह में से किसी एक का भी ऐसा वारिस बरसी के कार्यक्रम के दौरान मौजूद नहीं है, जिसकी रगों में रणजीत सिंह का खून दौड़ रहा हो। कुछ लोग महाराजा रणजीत सिंह के वंशज होने का दावा पेश करते हैं।

 
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शेर-ए-पंजाब रणजीत सिंह
कोछड़ कहते हैं कि ऐसा उनकी संपत्ति हथियाने के इरादे से किया जा रहा है और इसके लिए वे जिस प्रकार इतिहास को तोड़-मोड़ कर पेश कर लोगों को गुमराह करने के प्रयास कर रहे हैं, ये सिख इतिहास के लए अच्छे संकेत नहीं हैं। ऐसी कार्रवाईयों से सिख राज्य तथा विशेष तौर पर महाराजा रणजीत सिंह से संबंधित सम्पूर्ण सिख इतिहास पर प्रश्न-चिन्ह लगने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
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