फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

23 मार्च: यहां शहीदों की याद में साल में एक बार चलती है ट्रेन

Fri, 24 Mar 2017 09:23 AM IST
amarujala.com- Written by: विजय जैन
amarujala.com- Written by: विजय जैन Updated Fri, 24 Mar 2017 09:23 AM IST
विज्ञापन
Shaheed Diwas, hussainiwala border, last railway station of india, shaheed bhagat singh
हुसैनीवाला बॉर्डर
क्या आप जानते हैं कि भारत में एक जगह ऐसी भी है, जहां साल में केवल एक दिन शहीदों के लिए यानी 23 मार्च को ही ट्रेन चलती है।
Shaheed Diwas, hussainiwala border, last railway station of india, shaheed bhagat singh
हुसैनीवाला बॉर्डर
फिरोजपुर से लेकर हुसैनीवाला बॉर्डर तक स्पेशल ट्रेन 10 किलोमीटर का सफर तय करती है। एक समय में ये रेल लाइन हुसैनीवाला से होकर लाहौर तक जाती थी पर पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के दौरान यह रेल मार्ग बंद कर दिया गया। यहां सतलुज दरिया पर बने रेल पुल को भी तोड़ दिया गया। अब फिरोजपुर से हुसैनीवाला में ही आकर रेल लाइन खत्म हो जाती है। रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर यहां लिखा गया है - द एंड ऑफ नार्दर्न रेलवे।
Shaheed Diwas, hussainiwala border, last railway station of india, shaheed bhagat singh
हुसैनीवाला बॉर्डर
पूरे साल में एक दिन, केवल 23 मार्च को फिरोजपुर से एक स्पेशल ट्रेन बार्डर के लिए चलती है। गौरतलब है कि फिरोजपुर शहर से 10 किलोमीटर दूरी पर बने हुसैनीवाला बॉर्डर पर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि है। इस समाधि पर 23 मार्च को हर साल मेला लगता है। शहीदी मेले में दूर-दूर से पर्यटक शामिल होते हैं। पिछले साल तो यहां के मेले में खुद पीएम मोदी आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Shaheed Diwas, hussainiwala border, last railway station of india, shaheed bhagat singh
हुसैनीवाला बॉर्डर
बहुत कम लोग जानते होंगे कि हुसैनीवाला स्थित समाधि स्थल 1960 से पहले पाकिस्तान के कब्जे में था। जन भावनाओं को देखते हुए 1950 में तीनों शहीदों की समाधि स्थल पाक से लेने की कवायद शुरू हुई। करीब 10 साल बाद फाजिल्का के 12 गांव व सुलेमान की हेड वर्क्स पाकिस्तान को देने के बाद शहीद त्रिमूर्ति से जुड़ा समाधि स्थल भारत को मिल गया।
विज्ञापन
Shaheed Diwas, hussainiwala border, last railway station of india, shaheed bhagat singh
हुसैनीवाला बॉर्डर
सतलुज दरिया के करीब बने इस समाधि स्थल को अब पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। समाधि स्थल के आसपास ग्रीनरी क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। यहां पार्क और झूले-फव्वारे लगाए गए हैं। शुक्रवार और रविवार को खास तौर पर सैलानियों की भीड़ होती है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed