देखिए, चंडीगढ़ से कैसे ऑपरेट होता है हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट?
शिमला में होटल में पकड़े गये सेक्स रैकेट में जिस हाई प्रोफाइल एस्कॉर्ट सर्विस एजेंसी का नाम सामने आया है, वह चंडीगढ़ से ही कारोबार ऑपरेट करती थी। देखिए, पूरा मामला।
देखिए, चंडीगढ़ से कैसे ऑपरेट होता है हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट?
पूरी कार्रवाई में अब तक पांच लड़कियों समेत दस की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्त में आई लड़कियों में दो चंडीगढ़ की हैं जबकि एक जम्मू, एक उत्तराखंड, एक नेपाल की है। इनकी उम्र 18 से 23 साल है। गिरफ्तार ग्राहकों में एक पंजाब और दो मुंबई के हैं जबकि एजेंट दीपक सैणी चंडीगढ़ का रहने वाला है।
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पुलिस पूछताछ में एजेंट ने खुलासा किया कि इस एस्कोर्ट सर्विस में एक महिला भी उसके साथ है जो उसे लड़कियां देती हैं। महिला ने अपना ठिकाना चंडीगढ़ में बना रखा है। इंटरनेट के जरिये इन्हें कॉल गर्ल की डिमांड आती है। एजेंट लड़कियों को लेकर शिमला आता है। इन लड़कियों को शहर के अलग अलग होटल में ठहराया गया। खुद एजेंट दीपक सैणी उर्फ कुनाल कच्ची घाटी में स्थित एक होटल में ठहरता है।
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एसकोर्ट सर्विस शिमला में एक रात के लिए कॉल गर्ल उपलब्ध करवाने के लिए दस से बीस हजार में सौदा तय करती थी। कॉल गर्ल की फोटो व्हाट्सऐप के जरिये कस्टमर तक भेजते थे। कॉल गर्ल की खूबसूरती के हिसाब से पैसों का भुगतान किया जाता। काल गर्ल सौंपने से पहले पूरी रकम पहले ही ले ली जाती। एजेंट होटल के बाहर कॉल गर्ल को लग्जरी गाड़ी में छोड़ कर चला जाता और सुबह उसे तय समय में लेने आता।
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एस्कोर्ट सर्विस का नेटवर्क बड़ा मजबूत है। एसकोर्ट एजेंसी पूरी छानबीन करने के बाद ही किसी कस्टमर के पास कॉल गर्ल भेजते हैं। केवल हिमाचल के बाहर से आए लोगों को ही कॉल गर्ल मुहैया करवाते हैं। सबसे पहले वह कस्टमर के मोबाइल नंबर से यह पता लगाते हैं कि यह नंबर हिमाचल का है या फिर बाहर का। हिमाचल का होने पर यह मना कर देते हैं अगर बाहर का नंबर है तो कॉल गर्ल भेजने की बात करते हैं।