पंजाब में पांच दिन में दो बड़े सड़क हादसों में एक महिला समेत सात लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। दिवाली वाले दिन होशियारपुर में दो लोग जिंदा जल गए थे। वहीं सोमवार देर रात संगरूर-सुनाम मुख्य मार्ग पर कैंटर से टक्कर के बाद कार में लगी आग से पांच लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। दोनों हादसों में कार सवार कार की सेंट्रल लॉकिंग जाम होने की वजह से बाहर नहीं निकल पाए थे और कार में ही जल गए थे। आइए जानते हैं, क्या होती है सेंट्रल लॉकिंग और इसके जाम होने की स्थिति में क्या करें...
सात लोग कार में जिंदा जले... सेंट्रल लॉकिंग बनी वजह, जानें- ऐसी मुसीबत में क्या करें
कार को रिमोट से बंद करने पर कार सेंट्रल लॉक होती है। इसमें लॉक का कनेक्शन कार की बैटरी से होता है। इस सिस्टम का उद्देश्य कार को चोरी होने से बचाना है। हालांकि कई स्थितियों में यह जाम हो जाती है और लोग कार के अंदर ही फंस जाते हैं। किसी कारणवश अगर बैटरी से कनेक्शन टूट गया तो भी कार लॉक हो जाती है और हॉर्न भी काम करना बंद कर सकता है। इसके अलावा कार को तेजी से झटका लगने पर भी यह लॉक जाम हो सकता है। इससे बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए...
कार के अंदर फंसने पर क्या करें
- निकाले जा सकने वाले हेडरेस्ट के अंत में लगे धातु के हिस्से से कार की खिड़की तोड़ सकते हैं। इसके अलावा इसके धातु के हिस्से को खिड़की के अंदर जाने वाली जगह पर फंसा कर कांच तोड़ा जा सकता है।
- सीटबेल्ट के मेटल हुक की मदद से भी खिड़की को तोड़ा जा सकता है। खिड़की के कांच के किनारे को इस मेटल हुक से मारना है और साइड से कांच में हुक को फंसाते हुए खींचना है। इससे कांच टूट जाएगा। कार की खिड़की के कांच बीच से मजबूत और किनारे से उसके मुकाबले थोड़े कमजोर होते हैं।
- अगर खिड़कियां से निकलना मुश्किल हो तो ही विंडशील्ड को तोड़ने का प्रयास करना चाहिए। इसका कारण यह है कि आगे और पीछे की विंडशील्ड लैमिनेटेड ग्लास से बनी होती हैं जो काफी मजबूत होती है। इसके लिए पैरों को विंडशील्ड पर एडजस्ट कर सीट का सहारा लेते हुए जोर लगाना होगा। यह तरीका थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन काम आ सकता है।
होशियारपुर में दिवाली की रात पेड़ से टकराने पर कार में लगी आग से पंजाब के पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भगवंत किशोर गुप्ता (60) व उनकी साथी वकील गीतू खुल्लर उर्फ सिया खुल्लर (35) जिंदा जल गए थे। सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम जाम होने से दोनों कार से निकल नहीं पाए। आग इतनी ज्यादा थी कि कार व दोनों के शरीर पूरी तरह जल गए थे।
संगरूर-सुनाम मुख्य मार्ग पर सोमवार देर रात कैंटर से टक्कर के बाद कार में लगी आग से पांच दोस्त जिंदा जल गए थे। मोगा के टल्लेवाल निवासी डॉ. बलविंदर सिंह (40), नानक नगर निवासी डा. कुलतार सिंह (41), ग्रीन फील्ड कालोनी निवासी कैप्टन सुखविंदर सिंह (55), रामूवालिया निवासी सुरिंदर सिंह (46) और चमकौर सिंह (50) ईयोन कार में संगरूर के कस्बा दिड़बा में अपने दोस्त डॉक्टर लखविंदर सिंह की शादी की सालगिरह की पार्टी से लौट रहे थे।