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देखिए, ऐसा अदभुत मंदिर, जहां देसी-विदेशी बच्चे बनते हैं लंगूर

Sat, 14 Nov 2015 08:42 AM IST
Updated Sat, 14 Nov 2015 08:42 AM IST
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देखिए, ऐसा अदभुत मंदिर, जहां देसी-विदेशी बच्चे बनते हैं लंगूर

See, this amazing temple, where sounds fair langurs

क्या आप जानते हैं कि देश में एक मंदिर ऐसा है, जहां लंगूरों का मेला लगता है। जी हां, यह सच है और ये मंदिर है पंजाब के अमृतसर में। तस्वीरों में पूरा मामला।

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यूं तो अमृतसर मुख्य रूप से स्वर्ण मंदिर के लिए मशहूर है, पर इधर ‘‘बड़ा हनुमान मंदिर'' भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। यहां हर साल लंगूरों का मेला लगता है और यहां देश और विदेश से बच्चे लंगूर बनने के लिए आते हैं।

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अमृतसर के नामवर लेखक सुरिन्द्र कुमार बिल्ला ने बताया कि इस अति प्राचीन मंदिर में स्थापित श्री हनुमान जी की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है जैसे हनुमान जी विश्राम की मुद्रा में बैठे हों। इसके अलावा लंगूरों का मेला और कहीं नहीं लगता है।

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माना जाता है कि यह मंदिर उस पवित्र धरती पर बना हुआ है जहां श्री रामायण काल में भगवान श्री राम की सेना और लव-कुश के मध्य हुए युद्ध के समय हनुमान जी को वट वृक्ष के साथ बांध दिया गया था क्योंकि श्री हनुमान जी लव-कुश से अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा छुड़वाने के लिए आगे बढ़े थे। वह वट वृक्ष आज भी विद्यमान है।

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हर साल लगने वाला यह मेला कार्तिक महीने के पहले नवरात्रे से शुरू होकर यह मेला 10 दिन चलता है। महिलाओं इधर श्री हनुमान जी पूरी श्रद्धा से मन्नत मांगने के लिए बड़ी तादाद में पहुंचती हैं। मन्नत पूरी होने पर सैंकड़ों की संख्या में छोटे-छोटे लड़के विशेष प्रकार का लाल रंग का जरी वाला चोला पहनते हैं और हाथ में छड़ी लिए हुए मंदिर के अंदर-बाहर मैदान में अपने सगे-संबंधियों के साथ नाचते हुए एक निराला दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

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