फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मिलिए, एक ऐसे शख्स से जो विदेश गए युवकों को फांसी से बचाते हैं

Fri, 09 Dec 2016 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब) Updated Fri, 09 Dec 2016 09:14 AM IST
विज्ञापन
sarbat da bhala trust chairman sp oberoi profile, who saved punjabi boys from death sentence
सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलाते हैं, जो विदेश गए भारतीय युवकों को फांसी के फंदे से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। फिर 10 युवकों की जिंदगी दांव पर है।
sarbat da bhala trust chairman sp oberoi profile, who saved punjabi boys from death sentence
सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
ये हैं दुबई के एक बिजनेसमैन और सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी सिंह ओबराय। यही वो शख्स हैं जो सजा-ए-मौत पा चुके भारतीय लोगों को बचाने के लिए अरब देशों में कैंपेन चलाते हैं। वह अब तक पंजाब और हरियाणा के 17 युवाओं को ऐसे केसों से बचा भी चुके हैं।
sarbat da bhala trust chairman sp oberoi profile, who saved punjabi boys from death sentence
सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
18 मार्च 2010 को शाहजाह में पंजाब और हरियाणा के 17 युवकों को एक पाकिस्तानी नागरिक मिश्री खान की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी। इस केस में 27 जुलाई 2011 को एस सिंह ओबराय ने पीड़ित परिवार को पाकिस्तानी आठ करोड़ रुपये ब्लड मनी के तौर पर दिए थे। इसके बाद 12 सितंबर 2011 को कोर्ट ने यह समझौता स्वीकार किया और युवकों को दो साल कैद सुनाई लेकिन वे सब तीन साल पहले ही जेल में बिता चुके थे। इसलिए इन्हें रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
sarbat da bhala trust chairman sp oberoi profile, who saved punjabi boys from death sentence
सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
ओबराय का कहना है कि 11 युवाओं के परिजन उनको कुछ दिन पहले पटियाला में मिले थे। पंजाबी युवाओं को बचाने के लिए पाक परिवार से बातचीत कर ब्लड मनी के लिए ऑफर किया जाएगा। ओबराय ने कहा कि वह दो दिन में आबू धाबी पहुंचकर जेल में युवाओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा शारजाह में भी कुछ माह पहले 11 पंजाबी युवाओं ने शराब के वर्चस्व की लड़ाई में दो पंजाबियों को मौत के घाट उतार दिया था। इस केस में भी अगली सुनवाई 14 दिसंबर को है।
विज्ञापन
sarbat da bhala trust chairman sp oberoi profile, who saved punjabi boys from death sentence
सजा पाए पंजाबी युवकों के परिजन
इन्हें मिली है सजा: यूएई के इस केस में नवांशहर के हरप्रीत सिंह और अजय कुमार, बरनाला के सतमिंदर सिंह, होशियारपुर से चंद्रशेखर, मोगा से हरजिंदर, लुधियाना के कुलविंदर सिंह और धर्मवीर सिंह, अमृतसर के तरसेम सिंह, पटियाला के गुरप्रीत सिंह, गुरदासपुर के जगजीत और बटाला के टोनी को सजा सुनाई गई है। सभी युवक गरीब परिवारों से हैं और वहां पलंबर, मिस्त्री और इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed