'संवाद' में छलका व्यापारी और उद्योगपतियों का दर्द
अमर उजाला के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में शनिवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बताया कि किस तरह लंबे समय से पंचकूला के हितों से खिलवाड़ होती रही है। कार्यक्रम के दौरान पंचकूला के व्यापारियों और उद्यमियों की की पीड़ा साफ दिखाई दी।
'संवाद' में छलका व्यापारी और उद्योगपतियों का दर्द
व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बताया कि किस तरह लंबे समय से पंचकूला के हितों से खिलवाड़ होती रही है। ट्राइसिटी में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला शामिल हैं, लेकिन विसंगतियां और स्थानीय प्रशासन और सरकार की अनदेखी से पंचकूला के विकास की रफ्तार प्रदेश के अन्य दोनों शहरों से काफी पीछे है।
'संवाद' में छलका व्यापारी और उद्योगपतियों का दर्द
सिंगल विंडो सिस्टम के नहीं होने का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। नीतियों में कमियां हो या विभागीय सामंजस्य का अभाव और एक दूसरे पर जिम्मेवारी थोपे जाने की वजह स्थानीय लोगों की समस्या जस के तस बनी हुई हैं। कई वर्ष बाद भी ट्राइसिटी को जोड़ने के लिए माकूल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम तक मुहैया नहीं है।
'संवाद' में छलका व्यापारी और उद्योगपतियों का दर्द
व्यापारियों से जब विधानसभा चुनाव से पहले इन कमियों को कुरेदा गया तो बातें छन छनकर सामने आईं। केमिस्ट एसोसिएशन, पंचकूला के संरक्षक बीबी सिंघल के मुताबिक यूनिवर्सिटी के नहीं होने की वजह से बच्चों को पढ़ाई के लिए घर छोड़ना पड़ता है। आईटी पार्क के दावे किए, लेकिन 1 भी कंपनी की शुरुआत नहीं हुई।
'संवाद' में छलका व्यापारी और उद्योगपतियों का दर्द
ज्वैलर्स एसोसिएशन, पंचकूला के दीप कृष्ण चौहान के मुताबिक एमडीसी में हुई लूट के बाद भी ज्वेलर्स की सुरक्षा के लिए न तो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और न पुलिस चौकसी बढ़ी। निजी सुरक्षा के लिए भी आर्म्स के लिए आवेदन करने वालों को दोबारा आवेदन करने को कहा गया, जिससे व्यापारियों की चिंता बनी हुई हैं।