सेल्यूट! 3 बच्चों संग कत्ल हो गई, लेकिन आबरू नहीं गंवाई
इस मां को सेल्यूट कीजिए। इसकी बहादुरी की कहानी सुनेंगे तो फूट-फूट कर रोएंगे। इसने तीन बच्चों के साथ जान गंवा दी, लेकिन आबरू नहीं गंवाई। तस्वीरों में मामला। रिपोर्टः प्रदीप सिंगला, संगरूर
सेल्यूट! 3 बच्चों संग कत्ल हो गई, लेकिन आबरू नहीं गंवाई
पंजाब के संगरूर जिले के मालेरकोटला में सरौद रोड पर दो दिन पहले घटी चौहरे हत्याकांड की वारदात में शामिल मुख्य आरोपी को बेशक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आम आदमी के रौंगटे खड़े कर देने वाली इस वारदात में मौत के घाट उतारी गई मुस्लिम महिला को लोग सलाम कर रहे हैं।
सेल्यूट! 3 बच्चों संग कत्ल हो गई, लेकिन आबरू नहीं गंवाई
घर में अकेली 26 वर्षीय नाजमी खातून को वीरवार देर शाम उसके दो मासूम बच्चों और भतीजी को दया सिंह नामक शख्स ने सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया था कि अपनी अस्मत को सब कुछ समझने वाली इस दलेर महिला नाजमी ने उसके सामने घुटने टेकने से इंकार कर दिया था।
सेल्यूट! 3 बच्चों संग कत्ल हो गई, लेकिन आबरू नहीं गंवाई
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि कत्ल की गई इस महिला के पड़ोस में रहने वाला दया सिंह उसपर बुरी नजर रखता था। वीरवार को भी उसने नाजमी के घर घुसकर उससे जबर्दस्ती करनी चाही, लेकिन अपने धर्म और स्वच्छ चरित्र पर अडिग रहने की मिसाल कायम करते हुए नाजमी ने मना कर दिया था और काफी समय तक उससे भिड़ी।
सेल्यूट! 3 बच्चों संग कत्ल हो गई, लेकिन आबरू नहीं गंवाई
इस कशमकश में उसने अपनी और अपने मासूम बच्चों की जान तो गंवा दी, लेकिन अपनी अस्मत तार-तार होने से बचा ली। पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण पहलू के सामने आने के बाद मालेरकोटला के आम लोगों ने इस साहसी महिला को सलाम किया है।