सोनीपत की बेटी को अगवा करके दिल्ली की 'निर्भया' दरिंदगी अंजाम देकर रोहतक में फेंक दिया गया था। मामले में अब चौंकाने वाला मोड़ आ गया है।
दरअसल, युवती के साथ गैंगरेप के बाद उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक माह बाद भी चालान पेश नहीं किया है। युवती के परिजनों ने बताया कि पुलिस ने मामले में अब चालान पेश करने के लिए जाति प्रमाण पत्र मांगा है। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके लिए चालान के साथ पुलिस को युवती का जाति प्रमाण-पत्र भी देना होगा। पुलिस ने इसकी जानकारी अब दी है।
बता दें कि सोनीपत की युवती के साथ हुई दरिंदगी का खुलासा 11 मई को हुआ था। इसके बाद पुलिस महानिदेशक बीएस संधु ने कहा था कि एक माह के अंदर चालान पेश दिया जाएगा। साथ ही इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाएगी और चार माह के भीतर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। लेकिन वारदात के एक माह से पांच दिन अधिक होने के बावजूद चालान पेश नहीं हो सका है।
हालांकि, पुलिस अधीक्षक का कहना है कि चालान तैयार हो चुका है। डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आते ही चालान पेश किया जाएगा। 11 मई को रोहतक स्थित पार्श्वनाथ सिटी में एक युवती का शव बरामद किया गया था। उसके सिर व चेहरे पर ईंटों से हमला कर उसकी हत्या की गई थी। उसकी शिनाख्त सोनीपत निवासी के रूप में हुई थी। युवती घर से तीन दिन पहले लापता हुई थी।
वारदात का खुलासा कीर्ति नगर के सुमित को सीआईए द्वारा तमंचे सहित पकड़े जाने पर हुआ था। उसने बताया था कि वारदात में कबीरपुर निवासी उसका साथी विकास के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि सुमित व विकास दोनों ने युवती से दुष्कर्म किया था।