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बर्थडे स्पेशलः 'रॉक लेजेंड' नेकचंद के निजी जीवन से जुड़े 10 राज

Mon, 14 Dec 2015 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 14 Dec 2015 09:29 AM IST
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बर्थडे स्पेशलः 'रॉक लेजेंड' नेकचंद के निजी जीवन से जुड़े 10 राज

rock garden creator nekchand personal life secrets

रॉक गार्डन के निर्माता स्वर्गीय नेकचंद के जन्मदिवस को लेकर सेलिब्रेशन शुरू हो चुके हैं। इस मौके पर हम आपको बताते हैं उनके निजी जीवन से जुड़े 10 बड़े सीक्रेट्स।

बर्थडे स्पेशलः 'रॉक लेजेंड' नेकचंद के निजी जीवन से जुड़े 10 राज

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स्वर्गीय नेकचंद का जन्मदिवस 15 दिसंबर को है। रॉक गार्डन नेकचंद की 18 साल की तपस्या का परिणाम है, जो केवल कूड़े और कबाड़ से बनी है। जो दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है और ‌जिसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।

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1956 में शहर से कबाड़ लाकर नेक चंद ने जंगल में अकेले ही निर्माण शुरू कर दिया। अधिकारियों को इसके बारे में 1975 में भनक लगी। तब तक चार एकड़ में कलाकृतियां बन चुकी थीं। नियमों के खिलाफ मानते हुए इसे गिराने की तैयारी की जाने लगी तो लोग नेक चंद के समर्थन में आ गए तो लेंडस्केप एडवायजरी कमेटी ने अनुमति दे दी। तत्कालीन चीफ एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. एमएस रंधावा ने इसे रॉक गार्डन का नाम दिया।

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चंडीगढ़ में पहली सड़क का निर्माण नेक चंद सैनी ने ही किया था। पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में नौकरी करते हुए उन्होंने सबसे पहले प्रेस बिल्डिंग वाली सेक्टर-17 और 18 की डिवाइडिंग रोड बनाई। उसके बाद एक-एक कर शहर की बाकी सड़कें बनीं। उनकी बनाई सड़क पर पांच साल पैचवर्क करने की जरूरत नहीं पड़ती थी।

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कैपिटल कांप्लेक्स प्रोजेक्ट के रि. एसडीओ बहादुर सिंह बताते हैं कि नेक चंद साइकिल पर पत्थरों की तलाश में निकलते थे। सकेतड़ी, नेपली और कसौली से वह अलग-अलग साइज के पत्थर चुन कर लाते। फिर किसी को मुंह तो किसी को सूंड बना देते। शुरुआत में सबसे पहले झोपड़ी बनाई। वह इसकी गोबर से लिपाई करते।

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