फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ट्यूमर से जीतकर ओलंपिक में रचा इतिहास, खेल रत्न न मिलने से निराश, यूं छलका दर्द

Mon, 21 Aug 2017 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा) Updated Mon, 21 Aug 2017 08:54 AM IST
विज्ञापन
rio para olympic medalist deepa malik not nominted for khel ratan award
एथलीट दीपा मलिक
पहले ट्यूमर से जीतीं, फिर ओलंपिक में इतिहास रचकर देश का नाम रोशन किया, लेकिन खेल रत्न न मिलने से निराश हैं और दर्द छलका तो भावुक हो गईं। जानिए इनके बारे में सब कुछ।

 
rio para olympic medalist deepa malik not nominted for khel ratan award
दीपा मलिक - फोटो : ANI
रियो पैरालंपिक सिल्वर मेडलिस्ट दीपा मलिक का खेल रत्न बनने का सपना शनिवार को टूट गया। हाल ही में खिलाड़ियों को खेल मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई, लेकिन खेल रत्न पुरस्कार पाने वालों की लिस्ट में दीपा मलिक का नाम नहीं था। अनदेखी किए जाने को लेकर दीपा मलिक ने हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखा।
 
rio para olympic medalist deepa malik not nominted for khel ratan award
deepa malik
मुख्यमंत्री खट्टर ने भी खेल मंत्रालय से उनके नाम पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी अपील मंजूर न हो सकी। खट्टर ने 16 अगस्त को लिखे पत्र में कहा, ‘मलिक पैरालम्पिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। मुझे लगता है कि दीपा मलिक को प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा जाना चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप खेल रत्न के लिये उनके नाम पर विचार करें।’ 
विज्ञापन
विज्ञापन
rio para olympic medalist deepa malik not nominted for khel ratan award
एथलीट दीपा मलिक
वहीं खेल रत्न न मिलने से निराश मलिक ने कहा कि क्या मुझे 50 साल की उम्र में 2020 में एक और पदक जीतने की जरूरत होगी, तब यह पुरस्कार मिलेगा? दीपा मलिक ने उनका नाम ना भेजे जाने पर दुःख प्रकट करते हुए कहा कि एक और प्रदेश सरकार हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को चाहे वो दिव्यांग हों, उन्हें एक जैसे सम्मानित करने की बात करती है लेकिन उनका नाम ना भेजे जाने का उन्हें दुख है।
विज्ञापन
rio para olympic medalist deepa malik not nominted for khel ratan award
एथलीट दीपा मलिक
17 साल से पैर काम नहीं करते। 31 ऑपरेशन हो चुके हैं और 183 टांके लगे। उसके बावजूद दीपा मलिक ने ऐसा इतिहास रचा कि देश में उन्हें पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया। व्हीलचेयर पर होने के बावजूद हिम्मत नहीं छोड़ी। खुद को मोहताज नहीं बनने दिया और एक ऐसी पहचान कायम की, जो दुनिया के लिए मिसाल बन गई। फिर पैरा ओलंपिक में देश को मेडल दिलाकर इतिहास रचा दिया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed