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Chandigarh News: सेक्टर-17 की 20 पार्किंग 3.5 करोड़ में ठेके पर देने की तैयारी
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चंडीगढ़। नगर निगम सेक्टर-17 की 20 पार्किंग 3.5 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस पर निजी ठेकेदार को देने की तैयारी में है। पार्किंग ठेके की शर्तों पर 22 सितंबर को निगम हाउस में चर्चा होगी। स्मार्ट पार्किंग बनने पर दोपहिया का शुल्क 10 और चारपहिया का 20 रुपये होगा। स्मार्ट न बनने पर मौजूदा 7 और 14 रुपये का शुल्क ही रहेगा। 50 या इससे कम क्षमता वाले छोटे पार्किंग लॉट को स्मार्ट करने की शर्त नहीं होगी।
निगम के मुताबिक ठेकेदार से सालाना 3.5 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस लेने के साथ पार्किंग संचालन और स्टाफ का खर्च भी उसी से कराया जाएगा। अभी पार्किंग अटेंडेंट आउटसोर्स पर हैं और उनके वेतन पर होने वाला खर्च पार्किंग से मिलने वाले राजस्व से अधिक पड़ रहा है। हालांकि, पुराने पार्किंग ठेकों के विवाद के कारण प्रस्ताव पर हाउस में हंगामा हो सकता है। पाश्चात्य कंपनी से जुड़े करीब सात करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। इससे पहले भी ठेकेदारों पर लाइसेंस फीस नहीं देने के मामले सामने आ चुके हैं।
मल्टीलेवल पार्किंग भी ठेके में
सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग भी प्रस्तावित ठेके में शामिल है। निगम के अनुसार यहां वाहन कम पहुंचते हैं, जबकि संचालन के लिए 13 कर्मचारी तैनात हैं। इनके वेतन का खर्च निगम दूसरे मद से उठा रहा है।
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फर्जी बैंक गारंटी पर सीबीआई की पूछताछ
पाश्चात्य कंपनी मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को तत्कालीन पार्किंग स्टाफ से पूछताछ की। बैंक गारंटी की जांच क्यों नहीं हुई, वह दो साल निगम कार्यालय में कैसे रही और लंबित लाइसेंस फीस के लिए ठेकेदार को नोटिस क्यों नहीं दिया गया, इन बिंदुओं पर सवाल किए गए। निगम संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि 20 पार्किंग निजी कंपनी को देने का एजेंडा 22 सितंबर को हाउस में आएगा। रिजर्व प्राइस 3.5 करोड़ रुपये है।
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निगम के मुताबिक ठेकेदार से सालाना 3.5 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस लेने के साथ पार्किंग संचालन और स्टाफ का खर्च भी उसी से कराया जाएगा। अभी पार्किंग अटेंडेंट आउटसोर्स पर हैं और उनके वेतन पर होने वाला खर्च पार्किंग से मिलने वाले राजस्व से अधिक पड़ रहा है। हालांकि, पुराने पार्किंग ठेकों के विवाद के कारण प्रस्ताव पर हाउस में हंगामा हो सकता है। पाश्चात्य कंपनी से जुड़े करीब सात करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। इससे पहले भी ठेकेदारों पर लाइसेंस फीस नहीं देने के मामले सामने आ चुके हैं।
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मल्टीलेवल पार्किंग भी ठेके में
सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग भी प्रस्तावित ठेके में शामिल है। निगम के अनुसार यहां वाहन कम पहुंचते हैं, जबकि संचालन के लिए 13 कर्मचारी तैनात हैं। इनके वेतन का खर्च निगम दूसरे मद से उठा रहा है।
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फर्जी बैंक गारंटी पर सीबीआई की पूछताछ
पाश्चात्य कंपनी मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को तत्कालीन पार्किंग स्टाफ से पूछताछ की। बैंक गारंटी की जांच क्यों नहीं हुई, वह दो साल निगम कार्यालय में कैसे रही और लंबित लाइसेंस फीस के लिए ठेकेदार को नोटिस क्यों नहीं दिया गया, इन बिंदुओं पर सवाल किए गए। निगम संयुक्त आयुक्त डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि 20 पार्किंग निजी कंपनी को देने का एजेंडा 22 सितंबर को हाउस में आएगा। रिजर्व प्राइस 3.5 करोड़ रुपये है।