एक बेटी ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही मां-बाप, भाई और बच्चों समेत 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। अब उसी पति ने एक और कांड कर दिया है। जिसने पुलिस विभाग तक के होश उड़ा दिए हैं और अब एक नया सच सामने आया है।
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रेलू राम पूनिया हत्याकांड
यह हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। क्योंकि परिवार का हत्यारा, मृतक का दामाद संजीव फरार हो गया है। वह पैरोल पर आया था, लेकिन 14 दिन की समय सीमा खत्म होने के बाद भी वह जेल नहीं लौटा। अब पता चला है कि उसने पुलिस को चकमा दिया है। वह हरियाणा में यमुनानगर के चंगनौली स्थित अपने घर गया ही नहीं। वहीं जांच में पता चला है कि संजीव को पैरोल से फरार कराने की साजिश उसके चचेरे भाई नितिन कुमार ने रची थी।
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रेलू राम पूनिया हत्याकांड
संजीव ने जेल में सरकारी फोन से नितिन को फोन कर उसकी पैरोल कराने को कहा था। इसके बाद नितिन ने अपने खर्च पर वकील हायर किया। पैरोल पर आने के बाद संजीव सहारनपुर में ही अपने घर रहा। 31 मई तक वहीं रहा, उसके बाद वहां से संजीव चला गया। यह बात पूछताछ के दौरान नितिन ने डिटेक्टिव स्टाफ को बताई। वीरवार को डिटेक्टिव स्टाफ ने सहारनपुर की लक्ष्मणपुरी कॉलोनी निवासी नितिन को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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रेलू राम पूनिया हत्याकांड
डिटेक्टिव इंचार्ज जयपाल आर्य ने बताया कि नितिन ने ही संजीव की पैरोल के लिए पहले वकील हायर किया। इसके बाद चंगनौली के पूर्व सरपंच बलदेव व उसके बेटे कुलबीर के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग तैयार की। इसके लिए जमानतियों को एक-एक लाख रुपये के चेक दिए गए। इस पैसे का इंतजाम भी नितिन ने ही किया था। आर्य ने बताया कि संजीव की तलाश में टीमें दबिश दे रही है। उसका अभी तक पता नहीं लगा है। पूछताछ में उसने कबूला कि संजीव को फरार कराने में वह शामिल था।
ये था मामला
हिसार के पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया सहित परिवार के आठ सदस्यों का हत्यारोपी संजीव जेल में बंद था। संजीव को 16 मई से लेकर 31 मई तक जेल से जमानत मिली थी। परंतु 31 मई के बाद संजीव जेल में वापस नहीं लौटा। कुरुक्षेत्र जेल के डीएसपी सुभाष चंद ने उसका इंतजार करने के बाद 10 जून को थाना बिलासपुर में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में बाद में पुलिस ने पूर्व सरपंच सहित कई लोगों पर केस दर्ज किया था।