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आखिर RBI ने भी माना ATM का ये कड़वा सच, बताई भीड़ कम न होने की वजह

Thu, 08 Dec 2016 09:56 AM IST
पवन तिवारी/अमर उजाला, चंडीगढ़
पवन तिवारी/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 Dec 2016 09:56 AM IST
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RBI also accept this bitter truth of ATMs, told the crowd at the lack
एटीएम के बाहर लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला

शहर के लोगों को लंबी-लंबी लाइनों से निजात मिले भी तो कैसे?आरबीआई ने भी आखिर एटीएम की एक कड़वी सच्चाई स्वीकार कर ही ली। आरबीआई ने माना कि शहर के कुल 685 एटीएम में से 205 में अभी तक नए नोटों के हिसाब से सेटिंग ही नहीं हो पाई है। ये एटीएम नोटबंदी के बाद से ही ठप पड़े हैं। 70 फीसदी यानी कि 480 एटीएम की सेटिंग का काम अभी तक पूरा हुआ है। आरबीआई भी मानता है कि इन एटीएम की अभी तक सेटिंग न हो पाना भी एटीएम व बैंकों से भीड़ कम न होना एक बड़ा कारण है।

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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला

आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर निर्मल चंद ने बताया कि अगर सभी एटीएम की सेटिंग नए नोटों के हिसाब से हो जाए और सभी से नए नोट निकलने लगें तो लोगों की दिक्कतें कम हो जाएंगी। मगर अभी 30 फीसदी एटीएम बंद पड़े हैं। उनमें जब तक सेंटिंग न बदली जाए तब तक नए नोट डाले ही नहीं जा सकते।

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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
इस हफ्ते से पांच सौ के नोटों की सप्लाई बढे़गी-
निर्मल चंद ने बताया कि इस हफ्ते उनके पास पांच-पांच सौ के नए नोट बड़ी संख्या में आ जाएंगे। इससे शहर में जो दो हजार रुपये को लेकर छुट्टे की दिक्कत आ रही है, वो खत्म हो जाएगी। साथ ही 20 व पचास के भी नोट आरबीआई के पास आ जाएंगे।
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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
रुपयों की डिस्ट्रीब्यूशन मांग के हिसाब से हो रहा है-
आरबीआई का कहना है कि  यह कहना बिल्कुल गलत है कि नोट सिर्फ बड़े या सरकारी बैंकों को दिए जा रहे हैं। निर्मल चंद ने कहा कि बैंक नहीं उनके लिए जनता पहले है। जिस जगह मांग ज्यादा होती है, वहां के बैंक को ज्यादा कैश दिया जा रहा है। किसी बैंक को देखकर कैश नहीं दिया जा रहा।
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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
स्कूल, कॉलेजों में कैशलेस के प्रति जागरूक किया जाएगा
आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर ने बताया कि कैशलेस अपनाने के लिए आरबीआई की तरफ से स्कूलों-कालेजों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। उनके अधिकारी छात्रों को कैशलेस ट्रांजेक्शन के प्रति प्रेरित करेंगे। साथ ही छात्रों को ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचना है, उसके बारे में भी बताएंगे। उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा कैशलेस प्रणाली अपनाएं। बैंक अधिकारियों से बात की गई है वह आवेदन करने के दो-तीन दिन में स्वाइप मशीन दुकानदारों को मुहैया करवा रहे हैं। 
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