पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को मुख्यारोपी डेरा प्रमुख राम रहीम सहित तीन अन्य किशन लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को दोषी करार दिया है। कोर्ट चारों दोषियों को 17 जनवरी को सजा सुनाएगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जहां गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ। वहीं, तीनों अन्य आरोपी कड़ी सुरक्षा में प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट में पेश हुए।
छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम दोषी करार, जानिए 17 जनवरी को क्या हो सकती है सजा
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कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद कुलदीप, कृष्ण लाल और निर्मल को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद तीनों को कड़ी सुरक्षा में अंबाला जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने अपना फैसला दोपहर बाद करीब तीन बजे सुनाया।
छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई की ओर से कुल 46 गवाह, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 21 गवाह पेश किए गए। हत्या के चश्मदीद रामचंद्र के बेटे अंशुल और अदिरमन थे। जिन्होंने कोर्ट में आंखों देखी बयां की थी। इसके अलावा हत्या के षड्यंत्र के बारे में गवाह खट्टा सिंह ने कोर्ट में बयान दिए थे। साथ ही डॉक्टरों की भी गवाहियां हुई थीं।
उम्रकैद या फिर हो सकती है फांसी की सजा
सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने कहा कि कोर्ट दोषियों को कम से कम उम्र कैद और अधिक से अधिक फांसी की सजा सुना सकती है। कोर्ट कहां सजा सुनाएगी इसकी जानकारी 17 जनवरी से पहले दे दी जाएगी। क्योंकि अभी पुलिस और प्रशासन की तरह से कुछ कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाना है इसी के मद्देनजर कोर्ट ने सजा के लिए 17 तारीख सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि सजा पर बहस होना बाकी है।
ऐसी सजा मिले कि लोगों को नसीहत मिले
गुरमीत राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह ने कहा कि कोर्ट से वह ऐसी सजा की मांग करते हैं कि भविष्य में कोई व्यक्ति इस तरह की वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे। खट्टा सिंह ने कहा कि हत्या के बाद से आज तक कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। वह जिंदा हैं इसके लिए दरबार साहिब अरदास करने के लिए जाएंगे।
विजय चिह्न दिखाकर अंशुल ने जाहिर की खुशी
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कोर्ट का फैसला आने के बाद वह अपनी खुशी को रोक नहीं पाए और बाहर आते ही विजय चिह्न दिखाकर खुशी का इजहार किया। अंशुल ने कहा कि हत्या के मामले में सीबीआई कोर्ट ने 16 साल के बाद अपना फैसला सुनाया है। इसके लिए वह कोर्ट का शुक्रगुजार हैं। जज भगवान के रूप में आए और वह आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनाएंगे।