{"_id":"59ae42334f1c1b89078b45e0","slug":"ram-rahim-sentenced-in-sadhvi-rape-case-truth-revelaed-on-panchkula-violation","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"राम रहीम केसः हिंसा करने के लिए बनाई गई थी टीमें, सौंपे गए थे एरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम रहीम केसः हिंसा करने के लिए बनाई गई थी टीमें, सौंपे गए थे एरिया
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
Updated Wed, 06 Sep 2017 09:06 AM IST
विज्ञापन
Ram Rahim Verdict
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 अगस्त को राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद की गई हिंसा और उपद्रव के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी और कई टीमें बनाकर एरिया सौंपे गए थे।
Ram Rahim Verdict
डेरा मुखी को सजा सुनाने के बाद पंजाब में हिंसा फैलाने के लिए आठ सदस्यों की टीम बनाई गई थी जिसे ‘ए’ टीम का नाम दिया गया था। इन सदस्यों को बाकायदा एरिया दिए गए थे कि अदालत का फैसला आने के बाद किस-किस जगह को निशाना बनाना है। इस ‘ए’ टीम की पहली बैठक 17 अगस्त की देर रात को सिरसा में हुई थी, जिसमें हिंसा फैलाने की पूरी प्लानिंग तैयार की गई थी। यह खुलासा संगरूर पुलिस द्वारा पकड़े गए संगरूर ‘ए’ टीम के इंचार्ज दुनी चंद ने किया है।
Ram Rahim Verdict
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि डेरे के सात ब्रह्मचारी राकेश कुमार के भाई सतपाल टोनी पिछले लंबे समय से सिरसा में रहता है और डेरा मुखी का विश्वासपात्र है। उसी ने पंजाब में हिंसा फैलाने के लिए आठ सदस्यों का चुनाव किया था। इनमें दुनी चंद वासी शेरपुर, मानसा से मेजर सिंह ख्याला, बठिंडा से बलविंदर सिंह बंदी, बाघापुराना से पृथ्वी चंद, बठिंडा से गुरदेव सिंह, कोटकपूरा से महिंदरपाल सिंह, कोटभाई बठिंडा से गुरदास सिंह और गुरजीत सिंह मोगा शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Ram Rahim Verdict
इसे ‘ए’ टीम का नाम दिया गया। इस टीम का इंचार्ज रवि कुमार निवासी मुक्तसर को लगाया गया था। टीम की मुख्य भूमिका पंजाब में हिंसा फैलाना था। पूछताछ के दौरान दुनी चंद ने बताया कि टीम की पहली बैठक 17 अगस्त को सिरसा में रवि कुमार ने रात करीब दो बजे की थी, जो करीब तीस से चालीस मिनट तक चली थी। इसमें तय किया गया था कि यदि फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ आया तो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
Ram Rahim Verdict
इन आठ सदस्यों की टीम को आगे दो टीमों में बांटा गया एक टीम जिसमें दुनी चंद, मेजर सिंह, बलजिंदर सिंह, पिरथी चंद, गुरदेव सिंह को बठिंडा, पटियाला, मानसा, बरनाला और संगरूर का इंचार्ज बनाया गया और महिंदरपाल सिंह, गुरदास सिंह, गुरजीत सिंह को बाकी पंजाब का हिस्सा दिया गया। सभी सदस्य बैठक के बाद अपने घरों को चले गए। घर पहुंचने के बाद इन सदस्यों ने फोन के जरिए और अन्य तरीकों से अपने समर्थकों से संपर्क करना शुरू कर दिया।