घर में खाने के लाले थे, इस मां ने लोगों के घरों में काम कर करके बेटे को बड़ा किया। अब उसने मां को वो तोहफा दिया कि वह धन्य हो गई और उसकी आंखें छलक पड़ी।
2 of 7
इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप गायक खुदाबख्श
हम बात कर रहे हैं सोनी टीवी के सिंगिंग शो 'इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप रहे गायक खुदाबख्श की। रविवार रात 8 बजे शो का ग्रैंड फिनाले हुआ। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक गांव बादल का यह नौजवान खुदाबख्श दूसरे नंबर पर रहा। वहीं विशाखापट्टनम के एलवी रेवंत विनर बने। हैदराबाद के पीवीएनएस रोहित तीसरे नंबर पर रहे।
3 of 7
इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप गायक खुदाबख्श
विनर बनने पर एल वी रेवंत की विजेता की ट्रोफी के अलावा 25 लाख रुपए और महिंद्रा की तरफ से एक गाड़ी इनाम स्वरूप दी गई। इसके अलावा रेवंत को सोनी म्यूजिक के साथ गाना गाने का कॉन्ट्रेक्ट भी मिला है। कहा जा रहा था कि खुदाबक्श शो के विनर बन सकते हैं। शो के जज भी उनके कायल थे और लोगों की भी उनकी आवाज पसंद थी, लेकिन सबसे ज्यादा वोट पाकर एल वी रेवंत इंडियन आइडल 9 के विजेता बने।
4 of 7
इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप गायक खुदाबख्श
वहीं शो के बाद खुदा बख्श ने कहा कि खुदा बख्श ने कहा कि आज वह इतने कामयाब तो हो ही गए हैं कि अब उनकी मां को लोगों के घरों में काम नहीं करना पड़ेगा। अब वह अपनी मां के सभी सपनों को पूरा करेंगे। खुदा बख्श बताते हैं कि उनके पिता भी गायक थे। परिवार में गायकी का माहौल तो बचपन से ही था, मगर सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाने के कारण हालात बुरे थे।
5 of 7
इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप गायक खुदाबख्श
खुदा बख्श बताते हैं कि वह हमेशा अपने हाथों की लकीरों को देखकर रोते थे कि उनके हाथों की लकीरों में शायद सुख नहीं है। कभी वह अपने परिवार का गुजारा करने के लिए छोटी-मोटी नौकरी की तलाश करते फिरते थे, मगर आज उन्हें खुदा ने सारे जहान की खुशियां ही दे दी हैं। खुदा भी शायद यही चाहते हैं कि खुदा बख्श गायन के क्षेत्र में आगे बढ़े। गायकी उनके परिवार के खून में ही है।