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ट्रम्प को व्हाइट हाउस तक पहुंचाने में इस इंडियन का बड़ा हाथ, जानिए कैसे?
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Fri, 27 Jan 2017 10:00 AM IST
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ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के पीछे शलभ शाली कुमार
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अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बने 70 साल के डोनाल्ड ट्रम्प को व्हाइट हाउस तक पहुंचाने में एक भारतीय का अहम योगदान रहा। जानिए कौन है ये और कैसे?
ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के पीछे शलभ शाली कुमार
बात हो रही है, भारतीय मूल के बिजनेसमैन शलभ कुमार का। शलभ ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के दौरान ट्रम्प को लगभग दस लाख डॉलर (लगभग 6 करोड़ रुपए) का चंदा देने के एलान करके सनसनी फैला दी थी। शलभ रिपब्लिकन हिंदू कोलिशन के फाउंडर हैं। अमेरिका में प्रेसिडेंट इलेक्शन में अधिकतम साढ़े चार लाख का चंदा ही दिया जा सकता है। उन्होंने अपनी पत्नी के जरिए बाकी का चंदा ट्रम्प को दिया था।
ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के पीछे शलभ शाली कुमार
शलभ का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उनके पिता एक सिविल सर्वेंट थे। शलभ कुमार 20 साल से अमेरिका में रहे हैं। शलभ ने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज फिर इलिलाइज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की है। उन्होंने एवीजी एडवांस्ड टेक्नोलॉजिस कंपनी खड़ी की। हैं। यह कंपनी ऑटोमेशनकंट्रोल,सेमी-कंडक्टर्स,टेली-कम्यूनिकेशन जैसी कई फील्ड में काम करती है।
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ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के पीछे शलभ शाली कुमार
शलभ ने एक ट्वीट के जरिए दावा किया था कि उन्होंने 65 प्रतिशत हिंदुओं को ट्रम्प को वोट देने के लिए राजी किया। शलभ पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं। ट्रम्प की जीत के बाद से शलभ भारत के तीन दौरे कर चुके हैं। हाल ही में किए गए दौरे के बाद उन्होंने बाबा रामदेव के साथ फोटो डाली थी। ट्वीट में पीएम मोदी और ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प को भी टैग किया गया था।
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ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के पीछे शलभ शाली कुमार
शलभ के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद शलभ ने इंडियन अमेरिकन कम्युनिटी से पेटिशन साइन कराई थी। इसमें अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को सभी साहयता राशी में कटौती की मांग की गई थी। बता दें कि उनके बेटे ने विक्रम आदित्य ने 2007 में मिस इंडिया पूजा चितगोपेकर से शादी की थी। न्यूजीलैंड में हुई इस शादी को सबसे लैविश शादी कहा गया था।