कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की शुरूआत पंजाब से हुई। यहां के किसानों ने इन आंदोलनों की अगुवाई की। पंजाब के हजारों किसान मौजूदा समय में दिल्ली की चौखट पर डटे हैं। सरकार और किसानों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। इस बीच किसानों ने आठ दिसंबर को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया। इस बंद का असर पंजाब में कैसा रहा, आइए देखते हैं कुछ तस्वीरें...
Bharat Bandh Today: जहां से शुरू हुआ किसान आंदोलन, वहां कैसा रहा 'भारत बंद', देखें- 15 तस्वीरें
संगरूर : कारोबार रहा बंद, सड़कों पर सन्नाटा
भारत बंद के आह्वान पर संगरूर पूरी तरह बंद रहा। जिले में कारोबार पूरी तरह ठप रहा और शहर की सड़कों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।महावीर चौक पर किसान संगठनों ने चक्का जाम कर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने लड्डा टोल प्लाजा पर ब्लॉक नेता राम सिंह कक्कड़वाल के नेतृत्व में चक्का जाम किया। सुनाम के आईटीआई चौक में भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) व अन्य संगठनों ने संयुक्त तौर पर मुख्य मार्ग पर यातायात ठप रखा।
मुक्तसर : सभी वर्गों का किसानों को समर्थन
मुक्तसर में किसानों के संघर्ष को व्यापारियों, आढ़तियों, दुकानदारों, मजदूरों, कर्मचारियों समेत अन्य वर्ग का भरपूर समर्थन मिला। बाजार सूने रहे। विभिन्न जगहों पर अलग-अलग संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बस स्टैंड पर भी वीरानगी छाई रही। कोटकपूरा चौक पर किसान संगठनों ने धरना लगाया। बस स्टैंड पर पनबस कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया।
अबोहर की सड़कों पर जाम
अबोहर में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बाजार पूरी तरह से सुनसान रहे। सभी सड़कों पर चक्का जाम से वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। वहीं व्यापारिक, राजनीतिक, व धार्मिक संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर धरना लगाकर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिअद सर्कल कल्लरखेड़ा के प्रधान भूपेंद सिंह टिक्का के नेतृत्व में कल्लर खेड़ा बस अड्डे पर चक्का जाम किया गया।
फिरोजपुर: किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली
किसान संगठनों के सदस्य शहीद ऊधम सिंह चौक पर एकत्रित हुए और ट्रैक्टरों पर सवार होकर शहर में रैली निकाली। दुकानदारों ने कोई दुकान नहीं खोली और सड़कों पर सन्नाटा रहा। सभी वर्ग ने भारत बंद का पूरा समर्थन किया। मक्खू में भी किसान संगठनों के सदस्यों ने मुख्य सड़क पर बैठकर धरना दिया। जलालाबाद में सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संगठनों ने किसानों के पक्ष में बंद का समर्थन किया। इस दौरान शहर के बाजार, सब्जी मंडी व अन्य दुकानें बंद रहीं।