14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है। इसमें बताया गया है कि कैसे हमले की साजिश रची गई और कैसे तैयारी की गई।
पुलवामा में 14 फरवरी को जिस विस्फोटक से सीआरपीएफ के जवानों से भरी बस को उड़ाया गया, उसे बॉर्डर पार से लाया गया था। काफी समय से घुसपैठियों द्वारा ये प्रक्रिया जारी थी और थोड़ा-थोड़ा कर इस विस्फोटक का इकट्ठा किया जा रहा था। यह खुलासा खुफिया विभाग के सूत्रों ने किया।
विस्फोटक घाटी में पहुंचने के बाद उसे कैसे इस्तेमाल करना है, इसकी पूरी ट्रेनिंग जैश के फिदायीन आदिल अहमद डार उर्फ वकास को यहीं घाटी में ही दी गई थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही आत्मघाती डार ने भारतीय जवानों के खिलाफ सबसे बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया।
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pulwama attack jammu
- फोटो : अमर उजाला
खुफिया विभाग के सूत्रों ने उक्त खुलासा करते हुए ये भी बताया कि इसके अलावा हमले में इस्तेमाल कई तरफ के विस्फोटक ऐसे भी हैं, जिन्हें यहीं घाटी में ही तैयार किया जा रहा है और इन विस्फोटकों का इस्तेमाल आतंकी भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ करते भी रहे हैं।
उधर, खुफिया एजेंसियों का ये भी मानना है कि पुलवामा में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक बॉर्डर पार से नशे की खेप के साथ ही थोड़ा-थोड़ा कर देश में आया था। जांच एजेंसियां भी इसकी पूरी तह तक जाने में जुटी हुई हैं, क्योंकि वे उस चैनल के खिलाफ भी क्रेकडाउन चाहती हैं, जिसके जरिए इतनी बड़ी मात्रा में ये विस्फोटक घाटी तक पहुंचाया गया।