फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पहली बार, 22 साल के युवक का फेफड़ा 34 साल की महिला में लगाया

Thu, 13 Jul 2017 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 13 Jul 2017 09:13 AM IST
विज्ञापन
PGIMER becomes first govt hospital in country to perform lung transplant
Chandigarh PGI
चंडीगढ़ के पीजीआई ने अपने पहले लंग्स (फेफड़ा) ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया है। किसी सरकारी अस्पताल में लंग्स ट्रांसप्लांट करने वालों में पीजीआई देश का पहला हास्पिटल बन गया है। अब तक देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में लंग्स ट्रांसप्लांट नहीं हुआ है। नई दिल्ली स्थित एम्स भी यह कार्य पूरा नहीं कर सका है।
PGIMER becomes first govt hospital in country to perform lung transplant
22 वर्षीय युवक भोला सिंह
22 वर्षीय युवक का 35 वर्षीय महिला में लंग्स ट्रांसप्लांट हुआ है। इस पूरे आपरेशन में करीब 13 घंटे लगे। इसमें पीजीआई के अलग-अलग डिपार्टमेंट के करीब 20 से ज्यादा डॉक्टर व स्टाफ शामिल थे। पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगत राम ने बताया कि मोगा का 22 वर्षीय युवक भोला सिंह दस जुलाई को गंभीर हालत में पीजीआई में दाखिल हुआ। युवक एक्सीडेंट में गंभीर घायल था। हालत में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बनने की स्थिति में डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
PGIMER becomes first govt hospital in country to perform lung transplant
लंग्स ट्रांसप्लांट करने वाला पीजीआई बना देश का पहला अस्पताल
आर्गन डोनेशन पर परिजनों की सहमति मिलने के बाद डॉक्टरों ने उसके अंगों की जांच की। जांच में किडनी, लंग्स, हार्ट, कोर्निया और लिवर ठीक मिले। इस बार पीजीआई का सबसे ज्यादा फोकस लंग्स पर था। क्योंकि ऐसा काफी दिन बाद हुआ था, जब किसी दिवंगत डोनर का लंग्स ठीकठाक था। तुरंत ऐसे मैचिंग मरीज की तलाश शुरू की गई, जिसमें डोनर का लंग्स फिट बैठ सके। जांच-परख के बाद मरीज संगरूर की 35 साल की महिला मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
PGIMER becomes first govt hospital in country to perform lung transplant
महिला को तुरंत पीजीआई बुलाया गया। सभी जरूरी टेस्ट कराए गए। टेस्ट रिपोर्ट ठीक मिलने के बाद डॉक्टरों को सूचित कर ट्रांसप्लांट की तैयारी में जुट गए। सोमवार रात डेढ़ बजे ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हुई, जो करीब अगले दिन मंगलवार को ढाई बजे समाप्त हुई। डाक्टरों के मुताबिक  मरीज पूरी तरह से ठीक है। आईसीयू में दस दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। 
विज्ञापन
PGIMER becomes first govt hospital in country to perform lung transplant
पीजीआई
आक्सीजन पर जिंदा थी, 5 प्रतिशत काम कर रहा था फेफड़ा
संगरूर की रहने वाली जिस महिला में लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया है, उसकी जिंदगी आक्सीजन के सहारे चल रही थी। सिर्फ पांच प्रतिशत उसके फेफड़े काम कर रहे थे। महिला के परिजनों ने बताया कि करीब दो साल से उसे कफ की शिकायत थी। एक साल पहले पता चला कि उसे इन्टर्स्टिशल लंग्स डिजीज (आईएलडी) हो गई है, इसमें फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। एक महीने तक वह पीजीआई इमरजेंसी में भी एडमिट रही थी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed