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24 साल के लांस नायक सलीम खान लद्दाख में शहीद, फोन पर आखिरी बार मां से कही थी ये बात

Sun, 28 Jun 2020 03:06 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 28 Jun 2020 03:06 PM IST
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Patiala's Lance naik Saleem Khan martyr in Ladakh
शहीद लांस नायक सलीम खान

पंजाब के पटियाला के रहने वाले लांस नायक सलीम खान (24) लद्दाख में शहीद हो गए। सलीम पटियाला के गांव मर्दांहेड़ी के रहने वाले थे और 58 इंजीनियर रेजीमेंट में तैनात थे। परिवार को जैसे ही शहादत की खबर मिली वैसे ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। सेना के विशेष विमान से लांस नायक सलीम खान का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया गया। जहां से सड़क के रास्ते काफिले के साथ उनके गांव मर्दांहेड़ी लाया गया। पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान और नमाज-ए-जनाजा अदा करने के बाद गांव के कब्रिस्तान में सलीम खान के पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इससे पहले शहीद की मां नसीमा बेगम, बहन सुल्ताना और बड़े भाई नियामत अली ने शहीद सलीम खान को सलामी देकर उनकी कुर्बानी को नमन किया। 

Patiala's Lance naik Saleem Khan martyr in Ladakh
जवानों ने दी सलामी।

पटियाला मिलिट्री स्टेशन के कमांडर ब्रिगेडियर प्रताप सिंह राणावत ने शहीद के ताबूत पर लिपटा तिरंगा झंडा शहीद की मां को सौंपकर सैल्यूट किया। इस मौके पर भारतीय फौज के बिगलर ने मातमी धुन बजाई और जवानों ने हथियार उलटे करके गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए फायर कर शहीद को सलामी दी। पंजाब के कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत व डीसी कुमार अमित शहीद के गांव पहुंचे और शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि भेंट की। लांस नायक सलीम खान भारत-चीन सरहद के पास श्योक नदी के नजदीक जोखिम भरे हालात में भारतीय फौज के ऑपरेशन क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात थे।

Patiala's Lance naik Saleem Khan martyr in Ladakh

शहीद सलीम खान के बड़े भाई नियामत अली ने बताया कि रेजीमेंट शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे श्योक नदी में किश्ती के जरिए भारतीय फौज के ऑपरेशन संबंधी बचाव कार्यों के लिए रस्से लगाने के काम में जुटी थी। इसी दौरान सलीम खान की किश्ती पलट गई और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह शहीद हो गए। 14 जनवरी 1996 को सलीम खान का जन्म हुआ था और वह फरवरी 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता मंगल दीन ने भी भारतीय फौज में सेवा निभाई थी और ड्यूटी दौरान एक हादसे में जख्मी होने कारण वह सेवामुक्त हो गए थे। करीब 18 साल पहले उनका देहांत हो गया था। 

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Patiala's Lance naik Saleem Khan martyr in Ladakh

शहीद की मां नसीमा बेगम रोते हुए बस बार-बार यही कह रही थीं कि मेरे सिम्मा को ला दो, मेरा सिम्मा को ला दो। नसीमा बेटे को याद करते व बिलखते हुए बार-बार बेहोश हो रही थीं। उन्होंने बताया कि परसों ही सलीम का फोन आया था। उसने सारे परिवार का हालचाल जाना और वादा किया कि जैसे ही भारत-चीन सरहद पर हालात सामान्य होंगे तो वह छुट्टी पर घर आएगा। मां ने बताया कि तीन महीने पहले जब वह छुट्टी पर घर आया था तो कहा था कि मां तुझे अब जिंदगी में हर सुख दूंगा, ताकि पिता की कमी महसूस न हो।

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Patiala's Lance naik Saleem Khan martyr in Ladakh
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लांस नायक सलीम खान के परिवार को एक्सग्रेशिया अनुदान के तौर पर 50 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लांस नायक के परिवार को हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा- ‘लद्दाख में लांस नायक सलीम खान के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह पटियाला जिले के मर्दांहेड़ी गांव के थे। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। राष्ट्र बहादुर सैनिक को सलाम करता है। जय हिन्द! 

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