देखिए, दहशत फैलाने पंजाब में कहां से आते हैं पाक आतंकी?
पठानकोट आतंकी हमला हो या गुरदासपुर हमला बॉर्डर के उस इलाके की पहचान हो
गई है जहां से आतंकी पंजाब में घुसते हैं और वारदात को अंजाम देते हैं। देखिए तस्वीरों में। ग्राउंड रिपोर्ट: प्रवीण पाण्डेय/सुरिंदर पाल, बमियाल चेक पोस्ट (भारत-पाक सीमा)।
देखिए, दहशत फैलाने पंजाब में कहां से आते हैं पाक आतंकी?
पठानकोट से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित बमियाल चेक पोस्ट वह इलाका है जहां से पठानकोट हमले के आरोपियों के भारत में आने की बात कही जा रही है। दीनानगर हो या पठानकोट, दोनों बार आतंकियों की घुसपैठ के लिए बमियाल का नाम सामने आया। इस सेक्टर को संभालना सैन्य बलों, इंटेलिजेंस ब्यूरो और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
देखिए, दहशत फैलाने पंजाब में कहां से आते हैं पाक आतंकी?
पंजाब पहुंचना काफी आसान: बमियाल क्षेत्र में दो दरिया हैं, जिनका पानी पाकिस्तान की तरफ जाता है। एक उज्ज दरिया और दूसरा तरनाह है। बरसाती मौसम में दोनों दरिया में खूब पानी आ जाता है। तब इन्हें पार कर पाना खतरे से खाली नहीं होता। बारिश का मौसम निकल जाने के बाद पानी उतरने लगता है और जमीन साफ दिखने लगती है। कोई भी कंटीली तार न होने के कारण इन दरिया के साथ-साथ जीरो लाइन से पंजाब पहुंचना काफी आसान है।
देखिए, दहशत फैलाने पंजाब में कहां से आते हैं पाक आतंकी?
बमियाल की तरफ से उज्ज दरिया के सहारे जहां दो किलोमीटर की एंट्री है वहीं तरनाह की तरफ से 3.5 किलोमीटर का रास्ता तय कर पाकिस्तान से आ-जा सकते हैं। दरिया होने के कारण यहां पर कंटीले तार लगाना संभव नहीं है। दूसरी चुनौती यह है कि इस इलाके से जम्मू कश्मीर की सीमा सटी हुई है। बमियाल से महज 10-15 किलोमीटर की दूरी पर जेएंडके का इलाका शुरू हो जाता है। इस सीमा पर चौकसी और सुरक्षा एक गंभीर चुनौती है।
देखिए, दहशत फैलाने पंजाब में कहां से आते हैं पाक आतंकी?
जेएंडके में दाखिले के लिए लकड़ी का एक छोटा सा बैरियर है, जिस पर भी सिर्फ टोल टैक्स वसूलने का काम चलता है। यहीं से रास्ता कठुआ और जम्मू की तरफ निकल जाता है। इतने बड़े आतंकी हमले के बाद भी इस नाके पर सुरक्षा के लिए सिर्फ एक जवान था, जो टोल टैक्स की मांग ही करता दिख रहा था। सबसे अहम चुनौती गुज्जरों के डेरे हैं।