पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन आतंकी हमला, 10 सुलगते सवाल
पंजाब में नया साल आतंक की चादर में लिपटे हुए आया। 6 माह के भीतर गुरदासपुर के बाद दूसरी बार पठानकोट फियादीन हमने ने कई सवाल खड़े कर दिए। देखिए हमले से उठे 10 सवाल जवाबों के साथ।
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन आतंकी हमला, 10 सुलगते सवाल
पहला सवाल, फिर पंजाब का वही इलाका क्यों: पिछले पांच महीने में दूसरी बार पाकिस्तानी आतंकवादियों ने सीमावर्ती बमियाल क्षेत्र से पंजाब में घुसपैठ की है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान से लगती पंजाब की पूरी सीमा पर जहां कंटीली बाड़ है, वहीं जम्मू-कश्मीर से लगते बमियाल और सांबा से जुड़े बार्डर पर बाड़ नहीं है। यहां बीएसएफ की एक चौकी है। भौगोलिक स्थिति भी जटिल है। सीमा से सटे पाकिस्तानी इलाके में इखालासपुर का जंगल है। सीमा के पास ही नाला भी बहता है। ऐसे में रात के अंधेरे और धुंध का फायदा घुसपैठियों को मिलता है।
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन आतंकी हमला, 10 सुलगते सवाल
दूसरा सवाल, एसपी की भूमिका कितनी संदिग्ध: एसपी सलविंदर सिंह की भूमिका भी संदेह से परे नहीं। आईबी उन्हें और उनके दोनों साथियों को पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है। 31 जनवरी को रात साढ़े 11 बजे ठीक तभी जब आंतकवादियों को गाड़ी की जरूरत थी एसपी का नरोट जैमल सिंह पहुंचना क्या सिर्फ इत्तफाक था या कोई प्लानिंग यहां जांच का विषय है। आतंकवादियों ने जहां इनोवा के ड्राइवर का कत्ल कर दिया था वहीं एसपी और उनके दोनों साथियों को छोड़ देना भी शक पैदा करता है। हमले से 24 घंटे पहले इन्हें ऐसे ही छोड़ कर आतंकी ने अपनी प्लानिंग के लिए खतरा मोल क्यों लिया।
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन आतंकी हमला, 10 सुलगते सवाल
तीसरा सवाल, क्या सुरक्षाबलों से चूक हुई: इंटलीजेंस एजेंसियों हाल ही में बठिंडा से एयरफोर्स के कर्मचारी रंजीत को जासूसी के आरोप में पकड़ा था। खुफिया एजेंसियों ने इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया था कि बुधवार या वीरवार की रात घुसपैठ हो सकती है और नए साल पर आतंकवादी हमारे किसी एयरबेस को निशाना बना सकते हैं। एसपी की किडनेपिंग से यह बात समय रहते सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच गई थी कि आतंकवादियों का गुट पठानकोट की ओर बढ़ा है। इसके बावजूद हमला रोक पाने में चूक हुई।
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन आतंकी हमला, 10 सुलगते सवाल
चौथा सवाल, टोल और चार नाके कैसे पार कर गए: आतंकवादी जिस रास्ते से नरौट जैमल सिंह से पठानकोट पहुंचे उस पर चार नाके और अमृतसर पठानकोट मार्ग का टोल प्लाजा है। नाकों को पार करने में एसपी की नीली बत्ती मददगार बनी। टोल प्लाजा की फुटेज में सामने आया है कि एक आतंकवादी ही कार को ड्राइव कर रहा था।