शहीद की बेटी बोली, जब आतंकी हमला हुआ मैं पापा के साथ थी
पठानकोट आतंकी हमले में शहीद हुए गुरदासपुर के बहादुर जवान फतेह सिंह की बेटी ने यह कहकर सभी को हैरान कर दिया कि जब आतंकी हमला हुआ, वो पापा के साथ थी। पढ़ें बातचीत।
शहीद की बेटी बोली, जब आतंकी हमला हुआ मैं पापा के साथ थी
पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले को हुए बेशक एक सप्ताह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इस हमले का दर्द व भयानक मंजर आज भी उस हमले में शहादत का जाम पीने वाले गांव झंडा गुज्जरां निवासी कैप्टन फतेह सिंह की बेटी मधुराधा ठाकुर की आंखों में साफ देखने को मिला।
शहीद की बेटी बोली, जब आतंकी हमला हुआ मैं पापा के साथ थी
मधु तारागढ़ के सरकारी स्कूल में 1996 में पुलवामा में शहीद हुए लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया के श्रद्धांजलि समारोह में भाग लेने आई थीं। उस हमले को याद कर मधु आज भी सिहर उठती हैं। मधु ने नम आंखों से कहा कि जहां हमें पापा के जाने का गम है वहीं गर्व भी है कि उन्होंने अपना बलिदान दे कर एयरबेस में मौजूद हजारों लोगों के प्राणों को बचा लिया।
शहीद की बेटी बोली, जब आतंकी हमला हुआ मैं पापा के साथ थी
मधु ने पत्रकारों को बताया कि नववर्ष का पहला दिन आज भी उसे याद है, जब उसके पापा ने सुबह उसे नववर्ष की बधाई दी, लेकिन उस समय कदापि यह अहसास नहीं था कि नववर्ष की वह बधाई हमारे परिवार के लिए आखिरी होगी। उसने कहा कि उस रात दो बजे जब पापा ड्यूटी गए तो हम सब को जगाकर हमें अपार स्नेह की नजरों से देखते हुए कहने लगे कि कल छुट्टी लेकर मैं आपको मऊ (मध्य प्रदेश) छोड़ आऊंगा।
शहीद की बेटी बोली, जब आतंकी हमला हुआ मैं पापा के साथ थी
मधु ने बताया कि वह मऊ (मध्य प्रदेश) से कुछ दिन पहले मैं अपनी माता शोभा ठाकुर व भाई नीतिन के साथ छुट्टियां काटने आई थी। मगर पापा के ड्यूटी जाने के एक घंटे बाद ही गोलियों की आवाज से सारा एयरबेस दहल उठा। अचानक उस हमले से हम घबरा उठे तथा लाइट बंद करके बेड के नीचे छुप गए। बम के धमाकों से हमारे क्वार्टर की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए।