टी20 मैच में महज 72 गेंदों पर 300 रन बनाकर इतिहास रचने वाले भारतीय बल्लेबाज के बारे में सब कुछ जानिए। इन्होंने पिता के सपने को हकीकत में बदला है।
बात हो रही है, पानीपत के तहसील कैम्प के रहने वाले छोरे मोहित अहलावत की। 21 साल के बल्लेबाज मोहित तिहरा शतक बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। यह वो कारनामा है, जो हर किसी के लिए मुमकिन नहीं है। दिल्ली के ललिता पार्क में खेली जा रही फ्रैंड्स प्रीमियर लीग के इस मैच में मंगलवार को मोहित के दम पर मावी इलेवन ने 416 रन बनाए। प्रतिद्वंद्वी टीम 200 रन पर सिमट गई।
मोहित ने 17 गेंदों में फिफ्टी बनाई। इससे पहले युवराज इंग्लैंड के खिलाफ महज 12 गेंद में अर्धशतक लगा चुके हैं। एक ओवर में सबसे ज्यादा 36 रन युवी के नाम। मोहित 34 रन बना सके। मोहित लगातार 5 छक्के लगा सके, जबकि युवी 6 छक्के लगा चुके हैं। स्कोर बोर्ड के अनुसार, मोहित ने 39 छक्के और 14 चौके के अलावा 6 सिंगल और 3 डबल भी लिए। इस तरह स्कोर 302 रन होना था। स्कोर बोर्ड पर 300 रन ही लिखे हैं।
मोहित का परिवार मूलत: पानीपत के गांव बबैल गांव का रहने वाला है। पिता पवन अहलावत टेम्पो चलाते हैं। मां एक छोटे स्कूल में टीचर हैं। मोहित ने क्रिकेट को तीन साल पहले ही गंभीरता से लेना शुरू किया था। प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उन्हें बड़ी लीग के लिए चुना जाने लगा। मोहित अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने पिता पवन अहलावत को देते हैं।
मोहित के पिता पवन अहलावत ने बताया कि उन्हें क्रिकेट खेलने का जुनून था। स्कूल स्टेट क्रिकेट प्रतियोगिता में विकेट कीपर व बल्लेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन किया। बाद में घर की आर्थिक स्थित कमजोर होने के कारण दसवीं के बाद पढ़ाई व क्रिकेट छोड़ना पड़ा। परिवार चलाने के लिए टेंपो चलाने लगे। शौकिया तौर पर क्रिकेट जारी रखा। बेटे मोहित को भी मैदान में साथ ले जाते थे। मोहित ने इच्छा जताई कि वह भी विकेटकीपर और बल्लेबाज बनना चाहता है।