पाकिस्तान सरकार ने सियालकोट स्थित एक हजार वर्ष पुराने ऐतिहासिक शिवाला तेजा सिंह मंदिर का जीर्णोद्धार करवाकर उसे पाकिस्तान हिंदू परिषद को सौंप दिया है। शिवाला तेजा सिंह मंदिर की ऐतिहासिक ड्योढ़ी के स्तंभों की मरम्मत कर उसमें सफेद रंग का पेंट किया गया है। मंदिर की बाहरी दीवारों में भगवान शंकर, राधा कृष्ण और अन्य हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
इवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के अध्यक्ष डॉ. अमीर अहमद ने शुक्रवार सुबह पाकिस्तान हिंदू परिषद के सदस्यों और सियालकोट में बसे हिंदुओं के साथ मंदिर का उद्घाटन किया। यह मंदिर सियालकोट शहर के भीड़ भाड़ वाले मोहल्ला ढरोवाल के नजदीक सर्कुलर रोड पर स्थित है। मंदिर में रखी मूर्तियां लगभग एक हजार साल पुरानी बताई जाती हैं। इस मंदिर को खोलने और इसके जीर्णोद्धार के लिए पाकिस्तान हिंदू परिषद कई साल से प्रयास कर रही थी। इस साल दो जुलाई को पाकिस्तान सरकार ने मंदिर को फिर से खोलने की घोषणा की थी।
परियोजना के लिए ईटीपीबी द्वारा जारी 50 लाख रुपये के विशेष अनुदान के साथ 21 अगस्त को इसके नवीनीकरण, मरम्मत कार्य शुरू किया गया था। जीर्णोद्धार के दौरान मंदिर का मूल डिजाइन और आकार बहाल रखा गया है। पूरी इमारत को सफेद रंग में रंगा गया है। सात दशक तक बंद रहे इस मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार टूट गया था जिसे अब ठीक कर दिया गया है। इस मंदिर को सुरक्षित करने के लिए चारदीवारी का भी निर्माण किया गया है।
शुक्रवार को पाकिस्तान में बसे हिंदुओं ने धार्मिक अनुष्ठान और पूजा की और मिठाई बांटी। स्थानीय हिंदू समुदाय के नेताओं, रतन लाल, रमेश कुमार, डॉ. मुनव्वर चंद, अमरनाथ रंधावा और पंडित काशी राम ने इस मंदिर में पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किया। हिंदू समुदाय अब इस मंदिर का रख रखाव करेगा।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 1992 में भारत में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद नाराज मुसलमानों ने इस ऐतिहासिक मंदिर को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था। पाकिस्तान हिंदू परिषद के सदस्यों ने कहा कि दीपावली का पवित्र त्यौहार इस ऐतिहासिक मंदिर में मनाया जाएगा। देश विभाजन के बाद यह पहला अवसर होगा जब सियालकोट और उसके आसपास रहने वाले हिंदू अपने त्यौहार इस मंदिर पर मना सकेगी।