लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के साथ-साथ लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर भी हालात बिगड़ने की आशंका है। इसलिए पाकिस्तान की हर नापाक हरकत के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का आदेश दे दिया गया है।
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भारतीय सेना का मुस्तैद जवान
- फोटो : iStock
पाकिस्तान बार-बार सीजफायर उल्लंघन कर रहा है और इसकी आड़ में वह आतंकियों की सीमा पार से घुसपैठ करवाना चाहता है। एलओसी पार लॉन्चिंग पैड पर आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। इस इनपुट के बाद सेना ने जहां पाक बॉर्डर एरिया पर तैनात इंडियन आर्मी की तमाम महत्वपूर्ण छावनियों और कोर को हाईअलर्ट कर दिया है। वहीं, यहां सैन्य अफसरों को पाकिस्तान की हर नापाक हरकत के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का आदेश भी दे दे दिया है, यानी पाकिस्तान यदि बॉर्डर पर हालात बिगाड़ने की साजिश से बाज नहीं आया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सेना द्वारा इसका सख्त कार्रवाई के साथ जवाब दिया जाएगा।
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भारतीय सेना का मुस्तैद जवान
सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला है, एलएसी के साथ-साथ पाकिस्तान एलओसी पर बार-बार सीजफायर का उल्लंघन करते हुए पाक समर्थित आतंकियों को भारत में दाखिल कराना चाहता है। बॉर्डर पर कड़ी निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था और मानसून सीजन में बरसाती नालों में इन दिनों पानी की वजह से घुसपैठ थोड़ी मुश्किल बनी हुई है। मगर फिर भी कई आतंकियों की घुसपैठ भारत में हो भी चुकी है। जिनके निशाने पर सेना व अर्धसैनिक बलों के जवान और उनकी यूनिटें हैं। इसीलिए सेना प्रमुख ने पिछले दिनों वेस्टर्न कमांड के फॉरवर्ड एरिया का दौरा करके वहां सुरक्षा हालातों और दुश्मन के नापाक इरादों से निपटने के लिए सेना की मोर्चाबंदी का जायजा लिया था।
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भारतीय सेना का मुस्तैद जवान
- फोटो : PTI
सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना प्रमुख ने वेस्टर्न और नॉर्दन कमांड के आला सैन्य अफसरों को निर्देश दिए हैं कि पाकिस्तान द्वारा बॉर्डर पर बनाए जा रहे प्रॉक्सी वॉर जैसे हालातों का जवाब देने के लिए वे सभी सरकारी एजेंसियों के साथ मजबूत को-आर्डिनेशन रखें। राज्य, केंद्र व सेना की खुफिया एजेंसियां हर तरह के इनपुट को आपस में साझा करें और मिलकर इस प्रॉक्सी वॉर के खिलाफ मजबूत रणनीति तैयार कर पाकिस्तान को जवाब दिया जाए।
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भारतीय सेना
- फोटो : फाइल फोटो
वेस्टर्न कमांड के फॉरवर्ड एरिया का दौरा करने के बाद आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने वहां के हालातों का जायजा लेने के साथ-साथ सेना के आला अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड फॉर्मेशन कमांडरों और वहां तैनात टुकड़ियों के जवानों का हौसला बनाए रखें। समय-समय पर उनकी ऑपरेशनल तैयारियों का भी जायजा लेते हुए फील्ड में जाकर उनसे इंस्ट्रक्शन करते रहें। फील्ड में जाकर जवानों और अफसरों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें हर वक्त सजग रहने की प्रेरणा दें।