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ऑनलाइन पेमेंट करें तो जरा संभल कर रहें, पैसा डूब सकता है, पढ़ें आपबीती
शनि शर्मा/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Mon, 20 Nov 2017 09:09 AM IST
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ऑनलाइन शॉपिंग
- फोटो : Market Land
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ऑनलाइन शॉपिंग और ऑनलाइन पेमेंट का सबसे बड़ा नेगेटिव इफेक्ट सामने आया है, जिसके बारे में जानकर होश उड़ जाएंगे तो पढ़िए और अपना पैसा बचाइए।
ऑनलाइन शॉपिंग
हरियाणा के रोहतक में ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में जानकर झटका लगेगा और फिर ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले सौ बार सोचेंगे। मात्र 11 दिन के लिए खुली एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी ने झूठे दावे करके हजारों ग्राहकों से करोड़ों रुपये ठग लिये। ग्राहकों ने ऑनलाइन ऑर्डर करके कंपनी में रुपये तो जमा करा दिये, लेकिन उन्हें न तो सामान मिला और न ही रुपये वापस मिले। जब ग्राहकों को फर्जीवाड़े का पता चला तो कंपनी की वेबसाइट सर्वर से गायब हो गई।
Online shopping
अब सांपला के एक ग्राहक की शिकायत पर कंपनी के खिलाफ सांपला थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। गांव दत्तौड़ निवासी कृष्णलाल कौशिक ने बताया कि उन्होंने शॉपाज डॉट कॉम ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में 8 मई 2017 को एक मोबाइल बुक किया था। कृष्णलाल ने ऑनलाइन मोबाइल का पेमेंट किया और 12499 रुपये कंपनी के खाते में जमा करा दिए। उनका ऑर्डर का नंबर 105050 था।
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ऑनलाइन शॉपिंग
कृष्ण लाल ने बताया कि कि कंपनी ने सात दिन के अंदर मोबाइल की डिलीवरी करने की बात कही थी। लेकिन दो महीने बाद भी न तो मोबाइल मिला न ही खाते में रुपये वापस आये। जब दो महीने तक कंपनी की तरफ से कृष्णलाल को मोबाइल नहीं भेजा गया और न ही खाते में रुपये वापस आये तो उन्होंने कंपनी की वेबसाइट पर जाकर जांच पड़ताल की। इसके बाद कृष्णलाल ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Online shopping
यूं चलता था ठगी का खेल
कंपनी की तरफ से बड़े शातिर तरीके से ग्राहकों को ठगा गया। पहले तो कंपनी की तरफ से अपने प्रोडक्ट पर शानदार ऑफर दिये गये, ताकि ग्राहक लालच में आकर उनकी वेबसाइट से सामान खरीदे। अन्य वेबसाइट के मुकाबले कम कीमत पर सामान मिलने के लालच में ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर बुक कर देते थे। ऑनलाइन ही कंपनी को पेमेंट कर दी जाती थी।
कंपनी की तरफ से बड़े शातिर तरीके से ग्राहकों को ठगा गया। पहले तो कंपनी की तरफ से अपने प्रोडक्ट पर शानदार ऑफर दिये गये, ताकि ग्राहक लालच में आकर उनकी वेबसाइट से सामान खरीदे। अन्य वेबसाइट के मुकाबले कम कीमत पर सामान मिलने के लालच में ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर बुक कर देते थे। ऑनलाइन ही कंपनी को पेमेंट कर दी जाती थी।