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जनता कर्फ्यू का एक साल : छह मरीजों के आंकड़े पर बंद हो गया था चंडीगढ़, अब एक साल बाद बढ़ रही बेपरवाहियां

Mon, 22 Mar 2021 12:35 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 22 Mar 2021 12:35 PM IST
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One Year of Janta Curfew in Chandigarh
चंडीगढ़ में जनता कर्फ्यू के दौरान खाली पड़ी सुखना लेक और 2021 में बिना मास्क के घूम रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल कोरोना से बचने के लिए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद पूरे देश की ही तरह चंडीगढ़िए भी घरों में कैद हो गए थे। एक घातक बीमारी से खुद को बचाने के लिए लोगों ने अभूतपूर्व संयम का परिचय दिया और बाहर नहीं निकले। हमेशा पर्यटकों से भरा रहने वाला सिटी ब्यूटीफुल खाली-खाली नजर आया। बाजार सूने पड़े रहे। उस समय कोरोना पर लगाम लगाने के लिए 'सोशल डिस्टेंसिंग' कारगर हथियार माना गया और सोशल डिस्टेंसिंग की दिशा में जनता कर्फ्यू पहला कदम था। पूरे दिन सड़कें सूनी रहीं और शाम के पांच बजते ही लोगों ने ताली और थाली बजाकर कोरोना से जंग का एलान किया। लोगों ने पहली बार शहर में ऐसा माहौल देखा था। सड़कों पर इक्का-दुक्का गाड़ियां ही नजर आ रही थीं, उसमें से भी वह एंबुलेंस व पुलिस की गाड़ियां थीं। छह लोगों में संक्रमण से चंडीगढ़ वाले इतना डरे कि घर से बाहर नहीं निकले लेकिन अब एक साल बाद सिटी ब्यूटीफुल के लोग काफी बेपरवाह हो गए हैं।

 
One Year of Janta Curfew in Chandigarh
चंडीगढ़ में जनता कर्फ्यू का एक साल - फोटो : फाइल फोटो
पिछले साल जनता कर्फ्यू जब लगा तब चंडीगढ़ में कोरोना पीड़ितों की संख्या छह थी। डर ने लोगों को घर में कैद होने पर मजबूर किया था। वहीं एक साल बाद रविवार को चंडीगढ़ में 239 नए कोरोना संक्रमित मिले। जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। संक्रमितों के मिलने का यह 2021 का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। चंडीगढ़ में कोरोना से 362 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 24459 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 
 
One Year of Janta Curfew in Chandigarh
चंडीगढ़ में जनता कर्फ्यू का एक साल - फोटो : फाइल फोटो
जनता कर्फ्यू के दौरान सभी चौक चौराहे खाली दिखे। पूरे शहर में बंद जैसा नजारा था। कोरोना के डर के कारण चंडीगढ़ की जान माने जाते रोज गार्डन, रॉक गार्डन को प्रशासन पहले ही बंद कर चुका था लेकिन जनता कर्फ्यू के दौरान शहर के बाकी पार्कों में लोग नजर नहीं आए। सभी गांवों में भी जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देखने को मिला था। गांव बहलाना, मलोया, धनास, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, हल्लोमाजरा, दड़वा सहित सभी गांवों में व्यापक असर रहा। शाम के पांच बजते ही लोग अपने घरों की बालकनी में पहुंचकर तालियां और थालियां बजाने लगे।
 
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One Year of Janta Curfew in Chandigarh
जनता कर्फ्यू के दौरान खाली पड़ा चंडीगढ़। - फोटो : फाइल फोटो
इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने 31 मार्च 2020 तक सभी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, कारखाने और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने का फैसला किया था। इस दौरान सभी सार्वजनिक परिवहन को बंद कर दिया गया। शहर में जनता कर्फ्यू को दक्षिणी सेक्टरों में काफी समर्थन मिला था। सुबह से ही कर्फ्यू का असर दिखाई दिया। मलोया बस स्टैंड से लेकर सेक्टर-48 तक एक भी वाहन सड़क पर नहीं दिखा। सेक्टर-43 आईएसबीटी पर भी वाहन नहीं चले थे। 

 
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One Year of Janta Curfew in Chandigarh
चंडीगढ़ में जनता कर्फ्यू का एक साल - फोटो : फाइल फोटो
सब्जी, राशन और दवा समेत आवश्यक सेवाएं जारी रहीं। लोग अपने घरों में टीवी से चिपके रहे और पल पल की अपडेट लेते रहे। सेक्टरों की मुख्य सड़कों के अलावा वी-फाइव रोड पर भी लोग नहीं दिखे। विभिन्न सेक्टरों की सोसाइटियों, आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशों ने भी जनता कर्फ्यू का साथ दिया था और अपनी-अपनी दुकानें, सोसाइटियों के गेट आदि बंद रखे गए थे।  अब एक साल बाद कोरोना की दूसरी लहर डरा रही है लेकिन चंडीगढ़ वाले बेपरवाह से होते जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बिना मास्क घूम रहे लोगों के चालान काटने का काम शुरू कर दिया गया है।
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