धाकड़ पहलवान साक्षी मलिक ने 23 साल की उम्र में एक ऐसा इतिहास रचा था कि दुनिया देखती रही गई। अब वे एक और कारनामा करने को तैयार हैं।
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sakshi malik
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इस साल होने जा रहे कामनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गईं ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक पति सत्यव्रत के भी सपने को साकार करेंगी। सत्यव्रत का कामनवेल्थ गेम्स में चयन नहीं हुआ है, लेकिन उन्हें अपनी पत्नी के चुने जाने की खुशी है। साक्षी का कहना है कि वह अर्द्धांगिनी हैं। कामनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर पति के सपने को पूरा करेंगी। साक्षी का कहना है कि एशियन गेम्स में पति-पत्नी साथ खेलेंगे।
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साक्षी मलिक
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मंगलवार को अमर उजाला से बातचीत में साक्षी मलिक ने कहा कि सत्यव्रत का सपना कामनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीतना था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। अब कामनवेल्थ गेम में पदक जीतकर मैं उनके सपने को पूरा करूंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि एशियन गेम्स में दोनों साथ खेलेंगे। बताया कि साल 2018 में उनका व्यस्त शेड्यूल है। कामनवेल्थ गेम्स के बाद एशियन गेम्स फिर ओलंपिक की तैयारी करनी है।
साक्षी ने बताया कि वह रोजाना पांच घंटे सत्यवान अखाड़े में अभ्यास कर रही हैं। ससुराल से मायके आने पर सर छोटू राम स्टेडियम में अभ्यास करती हैं। पैतृक गांव में बन रहे कालेज का नाम अपने नाम पर रखे जाने पर साक्षी ने प्रदेश सरकार का आभार जताया। उनका कहना है कि खाली समय में वह कालेज जरूर जाएंगी और छात्राओं का उत्साह बढ़ाएंगी।
कोच के मसले पर बोलीं, सरकार अपना काम कर रही है
रियो ओलंपिक में देश के लिए कांस्य पदक जीतने के बाद साक्षी के कोच को लेकर विवाद चल रहा है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि सरकार को ओर से किस कोच को इनाम की राशि दी जाए। साक्षी ने तीन कोच के नाम सुझाये हैं। साक्षी ने कहा कि इस विषय पर कुछ नहीं कहना है। सरकार अपना काम कर रही है।