रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत इतिहास रचने वाली पहलवान साक्षी मलिक की आंखों में उस समय आंसू आ गए, जब किसी ने उनके हारने पर तंज कसा।
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Sakshi malik
- फोटो : अमर उजाला
साक्षी मलिक ने कहा कि हर अंतरराष्ट्रीय पहलवान इस समय केवल ओलंपिक का टारगेट लेकर खेल रहा है और उसके लिए वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप तक पहुंचने की जद्दोजहद चल रही है। लेकिन पहलवानों को कुछ समस्याओं से जूझना भी पड़ रहा है और वह कभी मानसिक रूप से कमजोर हो रहे हैं तो कभी प्रैक्टिस के लिए पार्टनर नहीं मिलने पर समस्या होती है।
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साक्षी मलिक
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इन सभी समस्याओं के बावजूद भविष्य की रणनीति बनाकर महिला पहलवान लगातार आगे बढ़ रही हैं और वह देश को टोक्यो ओलंपिक में भी मेडल दिलाने का दावा करती हैं। कोई खिलाड़ी हारना नहीं चाहता। अगर खिलाड़ी हारता है तो उसे सबसे ज्यादा दुख होता है। वह दुख किसी खिलाड़ी को नहीं झेलना पड़े, इसलिए वह अपना बेहतर प्रदर्शन करता है।
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साक्षी मलिक
- फोटो : अमर उजाला
साक्षी ने कहा कि मेरी पिछली कई चैंपियनशिप की हार को निजी जिंदगी से जोड़कर यह कहा जाता है कि शादी के बाद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है। इससे मानसिक दबाव बढ़ता है और ऐसा कहने वाले लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए। प्रैक्टिस के दौरान कई समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। कैंप में ज्यादा से ज्यादा पार्टनर होने चाहिए, जिनके साथ प्रैक्टिस की जा सके।
साक्षी ने कहा कि वह ओलंपिक को टारगेट करके खेल रही हैं। ओलंपिक में मेडल जीतने के बाद सरकार की ओर से काफी घोषणाएं होने के बाद भी नौकरी व प्लॉट अभी तक नहीं मिलने की बात भी साक्षी ने कही और सरकार से जल्द ही घोषणाएं पूरी करने की बात कही गई।