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हमारी हेरिटेज: चंडीगढि़यों की उम्र लंबी कर रहे 300 साल से खड़े बरगद के पेड़, सरकारी दस्तावेज दे रहे गवाही

Sat, 16 May 2026 08:58 AM IST
Nivedita अजय वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
अजय वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 16 May 2026 08:58 AM IST
सार

चंडीगढ़ आने वाले यहां की हरियाली देख खुश होते हैं। इसी हरियाली में एक बड़ा हिस्सा बरगद के पेड़ों का है। सिटी ब्यूटीफुल में 300 साल पुराने वटवृक्ष आज भी लोगों को छांव और ऑक्सीजन दे रहे हैं।  

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Old Banyan Trees Stand Tall Extending Lifespans of Chandigarh Residents Vat savitri vrat today
सेक्टर 28 में गवर्नमेंट हाई स्कूल में लगा 200 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ - फोटो : अमर उजाला
आज वट सावित्री की पूजा है। अपने पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं व्रत रख रही हैं। चंडीगढ़ में सैकड़ों वर्ष पुराने दर्जनों वटवृक्ष हर शहरवासी की उम्र लंबी करने में भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ये शहरवासियों के लिए लंबी और स्वस्थ जिंदगी का प्राकृतिक आधार बनकर खड़े हैं। 


दरअसल, वर्षों पुराने इन बरगद के पेड़ों का आकार इतना विशाल है कि ये एक साथ दर्जनों पेड़ों के बराबर न सिर्फ ऑक्सीजन छोड़ते हैं बल्कि शहर के पर्यावरण को संतुलित रखने में भी अहम योगदान देते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी दस्तावेजों के अनुसार शहर के एक-तिहाई हेरिटेज पेड़ सिर्फ बरगद के हैं।
Old Banyan Trees Stand Tall Extending Lifespans of Chandigarh Residents Vat savitri vrat today
बस स्टैंड पर लगा ढाई सौ साल पुराना बरगद का पेड़ - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में बरगद के हैं 31 पेड़
शहर में अलग-अलग स्थानों पर बरगद के 31 वृक्ष हैं। इनमें से कई पेड़ 200 से 300 साल पुराने हैं। सेक्टर-15, 18, 19, 28, 29 और सुखना लेक के पास लगे बरगद के झुंड शहर के फेफड़ों की तरह काम कर रहे हैं। पर्यावरणविद राहुल महाजन का कहना है कि शहर की हरियाली बचाने में इन प्राचीन वटवृक्षों का योगदान सबसे अहम है।
Old Banyan Trees Stand Tall Extending Lifespans of Chandigarh Residents Vat savitri vrat today
डड्डूमाजरा स्थित 300 साल पुराना बरगढ़ का पेड़ - फोटो : अमर उजाला
बरगद के पेड़ों को बचाने के लिए बनाया गया था नक्शा
सेक्टर-18, 28 और 38 में बरगद के कुछ पेड़ों की उम्र 300 से 350 साल के करीब बताई जाती है। चंडीगढ़ शहर बसाने के दौरान कई प्राचीन बरगद के पेड़ों को संरक्षित रखने के लिए नक्शा इस तरह तैयार किया गया कि इन्हें हटाना न पड़े। आज ये पेड़ शहर की पुरानी संस्कृति और प्राकृतिक विरासत का जीवंत हिस्सा हैं।
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Old Banyan Trees Stand Tall Extending Lifespans of Chandigarh Residents Vat savitri vrat today
सेक्टर 18 के गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में लगा 170 साल पुराना बरगद का पेड़ - फोटो : अमर उजाला
इसलिए खास हैं बरगद के पेड़  
मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार ने बताया कि एक परिपक्व बरगद का पेड़ रोजाना 275 लीटर तक ऑक्सीजन छोड़ता है। यह चार वयस्क लोगों की दैनिक जरूरत पूरी कर सकता है। अपने बड़े आकार और घनी पत्तियों के कारण यह सालाना 20 से 22 किलो CO₂ अवशोषित करता है। इसके साथ ही सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषक तत्वों को भी फिल्टर करता है।

इसकी घनी छाया आसपास का तापमान 3 से 5 डिग्री तक कम रखती है। यह वृक्ष 500 साल से अधिक समय तक जीवित रह सकता है। जितना पुराना पेड़ होता है, उतना अधिक ऑक्सीजन उत्पादन करता है। बरगद 60 से ज्यादा पक्षियों और जीवों को आश्रय भी देता है। इसकी पत्तियों का सरफेस एरिया अधिक होने के कारण फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया तेज होती है जिससे ऑक्सीजन उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है।
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