नेहरू ही नहीं भगत सिंह के परिवार की भी हुई जासूसी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रिश्तेदारों की जासूसी के मुद्दे पर विवाद के बीच शहीद भगत सिंह के परिवार से सालों तक जासूसी होने की बात सामने आई है। तस्वीरों में पूरा मामला।
नेहरू ही नहीं भगत सिंह के परिवार की भी हुई जासूसी
पंजाब में ये मामला शहीद भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह और भतीजे अभय सिंह संधु ने उठाया। उन्होंने कहा कि आजादी से 2 दशक बाद तक शहीद भगत सिंह के परिवार की भी जासूसी होती रही थी।
नेहरू ही नहीं भगत सिंह के परिवार की भी हुई जासूसी
किरणजीत सिंह ने कहा कि कई केंद्रीय एजैंसियां आजादी के बाद लगातार उनके परिवार पर नजर रखती रहीं और 1970 के बाद यह जासूसी बंद हुई। किरणजीत सिंह ने मांग की कि सरकार नेताजी के साथ संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करे ताकि देश को सही जानकारी मिल सके।
नेहरू ही नहीं भगत सिंह के परिवार की भी हुई जासूसी
किरणजीत सिंह ने कहा कि जिस सियासी मंदभावना का शिकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस हुए हैं, उसका शिकार शहीद भगत सिंह को भी होना पड़ा है। अगर गांधी चाहते तो शहीद भगत सिंह की फांसी रुक सकती थी क्योकि अंग्रेज सरकार ने इस बारे गांधी जी के साथ बात की थी पर गांधी जी ने कभी भी शहीद भगत सिंह का पक्ष नहीं लिया।
नेहरू ही नहीं भगत सिंह के परिवार की भी हुई जासूसी
भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधु ने बताया, हमारे परिवार पर कई सालों तक नजर रखी गई। फोन पर होने वाली हमारी बातचीत भी सालों तक निगरानी के दायरे में रही।' उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के समय से ही उनके परिवार पर पैनी नजर रखी गई। उन्होंने दावा किया, देश की आजादी के बाद भी हम खुफिया एजेंसियों की नजर में थे।