भगवान वाल्मीकि के खिलाफ टिप्पणी करने वाली राखी सावंत की मुश्किलें आसानी से कम नहीं होंगी। उन्हें एक ये काम तो करना ही पड़ेगा।
बालीवुड अभिनेत्री राखी सावंत ने भगवान वाल्मीकि के प्रति अशोभनीय टिप्पणी के मामले में अदालत में चल रहे केस में गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाई अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। राखी के वकीलों ने सोमवार को एडिशनल सेशन जज दिनेश कुमार की अदालत में पेश होकर इस याचिका को वापस लिया है।
अदालत की ओर से जारी समन जमानती धाराओं के तहत है, ऐसे में अग्रिम जमानत की जरूरत नहीं है। जब राखी अदालत में पेश होंगी, उनको तभी जमानत मिल सकती है। राखी के वकीलों ने गहनता से मंथन के बाद यह कदम उठाया है। राखी सावंत के वकील रजनीश लखनपाल कहते हैं कि इस केस में राखी सावंत को पेश तो होना ही पड़ेगा, लेकिन उनको शीघ्र जमानत मिल जाएगी।
साथ ही राखी के पास पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका डालने का भी विकल्प है। एडवोकेट नरेंद्र आद्या ने अदालत में राखी सावंत के खिलाफ भगवान वाल्मीकि के बारे में अभद्र टिप्पणी करने पर केस दायर कर रखा है। राखी के अदालत में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए। पुलिस उनको गिरफ्तार करने मुंबई गई थी, लेकिन टीम बैरंग वापस आ गई।
वहीं न्यायधीश दिनेश कुमार ने निचली अदालत में चल रही इस मामले शिकायत से संबंधित फाइल को अदालत में तलब कर लिया है। वहीं निचली अदालत से राखी की शिकायत वाली फाइल नए नियुक्त हुए न्यायधीश विश्व गुप्ता की अदालत में स्थानांतरित हुई। इसमें शिकायतकर्ता वकील नरेंद्र आदिया ने एक अर्जी देते हुए राखी सावंत को भगौड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई शुरू करने की मांग की।