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Chandigarh News: स्ले, लिट और रिज्ज... जेनजी की नई भाषा में हिंदी का बदलता अंदाज

Mon, 14 Sep 2026 01:53 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:53 AM IST
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Slay, Lit, and Rizz

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चंडीगढ़। आज की जेनजी यानी नई पीढ़ी की बातचीत में स्ले, लिट, घोस्टिंग, फ्लैक्स, रिज्ज, डब्ल्यू, एल, नो कैप और बेस्टी जैसे शब्द तेजी से जगह बना रहे हैं। सोशल मीडिया और चैटिंग में कुछ ही अक्षरों में बात पूरी करने की आदत ने युवाओं की भाषा का अंदाज बदल दिया है। युवा हिंदी और अंग्रेजी के बीच शॉर्ट फॉर्म और स्लैंग से बनी नई हिंग्लिश का इस्तेमाल कर रहे हैं।
चैटिंग में एफवाईआई (फॉर योर इंफार्मेशन) और टीवाई (थैंक यू) जैसे शब्द सामान्य हो गए हैं। हिंदी भी इस बदलाव से अछूती नहीं है। हिंदी बोली जा रही है, लेकिन देवनागरी के बजाय अंग्रेजी अक्षरों में लिखने का चलन बढ़ रहा है।
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पढ़ाई और लेखन पर असर की चिंता
सोशल मीडिया पर यह भाषा संवाद को आसान और तेज बनाती है, लेकिन चिंता तब बढ़ती है, जब इसकी आदत पढ़ाई, औपचारिक लेखन और परीक्षा की कॉपियों तक पहुंचने लगती है। लगातार शॉर्ट फॉर्म और रोमन हिंदी के इस्तेमाल से सही वर्तनी और व्याकरण प्रभावित हो सकते हैं। भाषा का बदलना स्वाभाविक है। जेनजी की नई भाषा गलत नहीं, लेकिन युवाओं को सही हिंदी लिखने की क्षमता भी बनाए रखनी चाहिए।
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