पंजाब के लुधियाना में चर्च के बाहर खड़े पादरी सुल्तान मसीह की हत्याकांड में अब नया मोड़ आ गया है। डीजीपी ने अब बड़ा बयान दिया है।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने घटना स्थल का दौरा किया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि पादरी हत्याकांड में पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल के हाथ कुछ अहम सबूत लगे हैं।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पुलिस फिलहाल यह मानकर चल रही है कि पूर्व में हुए हत्याकांडों के साथ इसका लिंक हो सकता है। इस मामले में पूर्व केसों में सीबीआई द्वारा जांच करने के चलते पंजाब पुलिस ने इसकी जांच के बारे में सीबीआई के साथ भी जानकारियां सांझा की हैं।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना है कि पादरी सुल्तान मसीह की हत्याकांड के पीछे आतंकी कनेक्शन होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक वे इस बारे में कुछ साबित नहीं करते, वह इस बात से इंकार नहीं कर सकते हैं।
डीजीपी मंगलवार को सलेम टाबरी इलाके में मृतक पादरी के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पादरी के बड़े बेटे के नाम का नियुक्ति पत्र भी परिवार को सौंपा। पत्र में लिखा है कि प्लस टू पास करने के बाद बेटे को पुलिस में सिपाही रखा जाए। अभी पादरी का बेटा प्लस वन में पढ़ रहा है।