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पेंशन बनवाना अब हो गया और आसान, किया गया बड़ा बदलाव, जान लेंगे तो खत्म हो जाएगी टेंशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Thu, 30 Aug 2018 01:10 PM IST
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बुढ़ापा पेंशन
- फोटो : demo pics
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पेंशन बनवाने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपको बड़ी राहत देगी। सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे लोगों की जिंदगी भर की टेंशन खत्म हो जाएगा और फायदा ही फायदा होगा।
पेंशन योजना
- फोटो : अमर उजाला
नए नियम के तहत, अब संतान की उम्र 40 साल होते ही बुजुर्ग अपनी बुढ़ापा पेंशन बनवा सकता है। पहले संतान की उम्र 41 साल तय की गई थी, अब सरकार ने एक साल की राहत दी है। साथ ही 2005 के वोटर कार्ड के अलावा फोटो युक्त वोटर सूची भी आयु साबित करने के लिए मान्य होगी। लाड़ली योजना के तहत माता-पिता की आयु 45 साल साबित करने के लिए स्कूल प्रमाण पत्र व स्वास्थ्य विभाग के आयु प्रमाण पत्र के अलावा अब ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मतदाता सूची व पासपोर्ट को भी आयु प्रमाण पत्र के तौर पर दिया जा सकेगा।
पेंशन
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा बुढ़ापा सम्मान भत्ता योजना के तहत आयु के संबंध में लिये जाने वाले दस्तावेज एवं मेडिकल बोर्ड बारे में नये दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब पेंशन के लिए पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र, 16 जून 2016 से पूर्व जारी किया गया डीएल, पासपोर्ट, वर्ष 2005 या इससे पूर्व जारी किया गया स्वयं का फोटो युक्त पेन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व फोटोयुक्त मतदाता सूची में से आवेदक अपनी आयु के आंकलन के लिए कोई एक दस्तावेज उपलब्ध करवाकर पेंशन का लाभ ले सकता है।
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pension
इसके अलावा यदि आवेदक के पास यह दस्तावेज नहीं है तो वह अपनी बड़ी संतान की आयु 40 वर्ष होने का जन्मतिथि प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र भी आवेदन फार्म के साथ लगा सकता है। पहले संतान की उम्र की 41 साल अनिवार्य की गई थी। डीसी ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति का नाम दस्तावेज में गलत है तो वह नाम परिवर्तन के लिए जिला मजिस्ट्रेट व नोटरी पब्लिक द्वारा सत्यापित शपथ पत्र व हिंदी व अंग्रेजी के एक-एक समाचार पत्र में विज्ञापन की औपचारिकता पूरी करके पेंशन का लाभ ले सकता है।
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हर माह मेडिकल बोर्ड करेगी जांच
डीसी डॉ. यश गर्ग ने बताया कि अगर किसी आवेदक के पास संतान का भी 40 वर्ष आयु साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं है तो वह आयु का आंकलन करने के लिए एक पत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी व डीसी को दे सकता है। डीसी की अनुमति के बाद सिविल अस्पताल में गठित बोर्ड को आयु जांचने के लिए अर्जी दी जाएगी। हर माह दो डाक्टरों का पैनल एक दिन लोगों की आयु की जांच करेगा। अगर बोर्ड लिखकर देता है कि संबंधित व्यक्ति की उम्र 60 साल या इससे अधिक है तो उसे बुढ़ापा पेंशन का पात्र माना जाएगी।
डीसी डॉ. यश गर्ग ने बताया कि अगर किसी आवेदक के पास संतान का भी 40 वर्ष आयु साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं है तो वह आयु का आंकलन करने के लिए एक पत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी व डीसी को दे सकता है। डीसी की अनुमति के बाद सिविल अस्पताल में गठित बोर्ड को आयु जांचने के लिए अर्जी दी जाएगी। हर माह दो डाक्टरों का पैनल एक दिन लोगों की आयु की जांच करेगा। अगर बोर्ड लिखकर देता है कि संबंधित व्यक्ति की उम्र 60 साल या इससे अधिक है तो उसे बुढ़ापा पेंशन का पात्र माना जाएगी।