नेपाल भूकंप: बचकर लौटे युवक की दास्तां रूला देगी
नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान मौत से रूबरू होकर करनाल पहुंचे युवक ने बताया, 'बस मेरी सांसें थी, इसलिए जिंदा हूं, वरना मैंने कितनों को मौत के मुंह समाते देखा है।' भुक्तभोगी की दास्तां, तस्वीरों की जुबानी।
नेपाल भूकंप: बचकर लौटे युवक की दास्तां रूला देगी
भूकंप का केंद्र रहे नेपाल के काठमांडू में आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय टैटू आर्ट कंपीटिशन में भाग लेने गए हरियाणा के जिले करनाल के विक्की ने मौत के मंजर को करीब से देखा। विक्की ने कई लोगों को जमींदोज होते देखा है। उसने कहा कि वो खौफनाक मंजर को याद करते ही शरीर सिहर उठता है।
नेपाल भूकंप: बचकर लौटे युवक की दास्तां रूला देगी
बकौल विक्की, बस मेरी सांसें थी, इसलिए जिंदा हूं, वरना मैंने तो पता नहीं कितनों को मौत के मुंह समाते हुए देखा है। एयरफोर्स के जहाज से विक्की रविवार को दिल्ली पहुंचा। रविवार को घर पहुंचते ही विक्की की मां ने उसे पहले गले लगाया और विक्की ने भी मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
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विक्की ने बताया कि अपनी आंखों के सामने कई होटलों और अन्य इमारतों को जमींदोज होते देखा और कुछ ही पलों में वहां चीख पुकार का आलम था। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। विक्की ने भी जिंदगी बचाने के लिए पूरी जी जान लगा दी और किसी तरह मलबे से बचते हुए होटल से बाहर निकला।
नेपाल भूकंप: बचकर लौटे युवक की दास्तां रूला देगी
देखा तो चारों और केवल तबाही का मंजर नजर आया। करनाल अपने घर पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में विक्की ने बताया की किसी तरह उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद तुरंत उन्हें रेस्क्यू करने की कार्रवाई आरंभ की गई। एयरफोर्स के जहाज से शनिवार रात को ही उन्हें दिल्ली लाया गया। विक्की ने बताया कि नेपाल में मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है।