फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'रॉक लेजेंड' नेकचंद ने क्यों बनाया रॉक गार्डन, दुनिया को खुद बताया था सच

Mon, 12 Jun 2017 03:19 PM IST
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल Updated Mon, 12 Jun 2017 03:19 PM IST
विज्ञापन
nekchand death anniversary, why nakchand created rock garden
पद्मश्री नेकचंद - फोटो : File Photo
पद्मश्री नेकचंद भले आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वे एक ऐसे कलाकार थे, जिनकी बनाई दुनिया को देखने वाला बस देखता रह गया। जानिए इसे बनाने का सच।
nekchand death anniversary, why nakchand created rock garden
'रॉक लेजेंड' नेकचंद
कौन कहता है आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। लगभग 40 साल पहले ऐसा ही प्रयास किया था नेक चंद सैनी ने। उनका यह प्रयास आज चंडीगढ़ की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है और दुनिया इसे रॉक गार्डन के नाम से जानती है। नेक चंद वो शख्स हैं, जिन्होंने मन में एक काम करने की ठानी, तो उसे पूरा करने के लिए अपनी सारी ताकत झोक दी।
nekchand death anniversary, why nakchand created rock garden
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद - फोटो : फाइल फोटो
उनकी इच्छा शक्ति साकार हुई तो सरकार ने इसे नाम दिया रॉक गार्डन। वहीं नेकचंद ने खुदा बताया कि उन्होंने रॉक गार्डन क्यों बनाया। नौकरी के दौरान ही नेकचंद को इस काम का आइडिया आया। वे अक्सर ऐसी जगह जाते थे, जहां बेकार सामान को फेंक दिया जाता था। उस सामान को देखकर ही उन्हें बेकार चीजों से कुछ बनाने का विचार आया और वे उसे पूरा करने में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
nekchand death anniversary, why nakchand created rock garden
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद - फोटो : फाइल फोटो
शुरुआत थोड़ी कठिन थी, लेकिन एक बार काम शुरू किया, तो फिर रुके नहीं। वे साइकिल से जगह-जगह जाते और बेकार सामान जुटाते। दिन में कई-कई घंटे वे सामान ही ढोते रहते थे, लेकिन जुनून इतना था कि कभी भी थकान को अपने पर हावी नहीं होने दिया। आज भी यहां आकर उनके मन को सुकून मिलता है। नेकचंद की बेटी परिवार के साथ इंग्लैंड में रहती है। वहीं बेटा अनुज चंडीगढ़ में है।
विज्ञापन
nekchand death anniversary, why nakchand created rock garden
रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद - फोटो : फाइल फोटो
रॉक गार्डन के निर्माण के लिए 1984 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नेकचंद ने रॉक गार्डन का निर्माण एक छोटी-सी कुटिया से किया था। गार्डन के फेज-2 में 40 साल पुराना वो ट्रक भी खड़ा है, जिसमें नेकचंद कबाड़ ढूढंने के लिए जाते थे। रॉक गार्डन का निर्माण तीन चरणों में हुआ। पहले चरण में वह काम पूरा हुआ, जो सैनी ने दुनिया की नजरों से बचकर किया था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed