{"_id":"5b99481f867a557e876d898a","slug":"navjot-singh-sidhu-road-rage-case-rehearsing-by-supreme-court","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पढ़ें...नवजोत सिद्धू का 30 साल पुराना गैर इरादतन हत्या मामला, जिसमें दोबारा SC करेगा सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ें...नवजोत सिद्धू का 30 साल पुराना गैर इरादतन हत्या मामला, जिसमें दोबारा SC करेगा सुनवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Sep 2018 09:50 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू की तीस साल पुराने मामले में मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट दोबारा सुनवाई को तैयार हो गया है।आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
पटियाला में 27 दिसंबर 1988 की दोपहर सिद्धू और गुरनाम सिंह (65) के बीच रोड रेज में मामूली विवाद हुआ था। गुरनाम के परिजनों का आरोप है कि सिद्धू ने गुरनाम के सिर पर बाईं ओर मुक्का मारा।
नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
इससे ब्रेन हैमरेज हो गया और गुरनाम की मौत हो गई। उनके वकीलों में सुप्रीम कोर्ट में भी यही दलील दी थी कि गुरनाम सिंह की मौत सिद्धू द्वारा दी गई सिर की चोट से हुई है। इसलिए यह साफ तौर पर कत्ल का केस है, क्योंकि यह चोट गलती से नहीं पहुंचाई जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : ANI (फाइल फोटो)
ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी, हाईकोर्ट ने बदल दिया था फैसला
इस मामले में पटियाला के ट्रायल कोर्ट ने सिद्धू को बरी कर दिया था। इसके बाद गुरनाम सिंह के परिजनों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में शरण ली। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बदल दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि गुरनाम सिंह की मौत कार्डियक फेल्योर (ह्दय घात) से नहीं, बल्कि सिर पर चोट लगने की वजह से हुई थी।
इस मामले में पटियाला के ट्रायल कोर्ट ने सिद्धू को बरी कर दिया था। इसके बाद गुरनाम सिंह के परिजनों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में शरण ली। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बदल दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि गुरनाम सिंह की मौत कार्डियक फेल्योर (ह्दय घात) से नहीं, बल्कि सिर पर चोट लगने की वजह से हुई थी।
विज्ञापन
नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
इस मामले में गठित डॉक्टरों के बोर्ड ने मौत का कारण सिर में चोट और कार्डियक कंडीशंस बताया था। हाईकोर्ट ने सिद्धू और उनके साथी रूपिंदर संधू को दोषी करार दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा था कि यह सोचा-समझा कत्ल नहीं, बल्कि मौके पर आवेग का नतीजा था।