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Chandigarh News: हार्ट अटैक में अब बाईस्टैंडर भी बचाएंगे जान, पीजीआई ने सिखाई सीपीआर की ताकत
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चंडीगढ़। हार्ट अटैक या अचानक किसी व्यक्ति के गिरने की स्थिति में अस्पताल पहुंचने से पहले के कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। ऐसे समय में आसपास मौजूद व्यक्ति को सीपीआर देना आता हो तो मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ सकती है। इसी उद्देश्य से चंडीगढ़ सिटीजंस फाउंडेशन (सीसीएफ) ने पीजीआई के सहयोग से प्रोजेक्ट बाईस्टैंडर्स कैन सेव लाइव्स (बीएलएस) शुरू किया है। इसका मकसद आम लोगों को प्राथमिक जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर आपात स्थिति में मदद के लिए तैयार करना है।
प्रोजेक्ट की शुरुआत पंचकूला के शिवालिक कंट्री क्लब में हुई। कार्यक्रम में पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि जैसे सैनिक और डॉक्टर लोगों की जान बचाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, वैसे ही जीवन संकट की स्थिति में हर नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने युवाओं में बढ़ रहे कार्डियक अरेस्ट के मामलों पर चिंता जताई।
पद्म भूषण प्रो. केके तलवार ने कहा कि आपात स्थिति के शुरुआती मिनटों में आसपास मौजूद व्यक्ति की समय पर मदद बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। पीजीआई विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सीपीआर, छाती पर दबाव देने की तकनीक और एईडी के इस्तेमाल की जानकारी दी। पांच प्रशिक्षण स्टेशनों पर लोगों ने इन तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी किया। सीसीएफ की ओर से अब स्कूलों, कॉलेजों और आरडब्ल्यूए में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आपात स्थिति में प्राथमिक जीवनरक्षक मदद दे सकें।
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प्रोजेक्ट की शुरुआत पंचकूला के शिवालिक कंट्री क्लब में हुई। कार्यक्रम में पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि जैसे सैनिक और डॉक्टर लोगों की जान बचाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, वैसे ही जीवन संकट की स्थिति में हर नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने युवाओं में बढ़ रहे कार्डियक अरेस्ट के मामलों पर चिंता जताई।
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पद्म भूषण प्रो. केके तलवार ने कहा कि आपात स्थिति के शुरुआती मिनटों में आसपास मौजूद व्यक्ति की समय पर मदद बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। पीजीआई विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सीपीआर, छाती पर दबाव देने की तकनीक और एईडी के इस्तेमाल की जानकारी दी। पांच प्रशिक्षण स्टेशनों पर लोगों ने इन तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी किया। सीसीएफ की ओर से अब स्कूलों, कॉलेजों और आरडब्ल्यूए में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आपात स्थिति में प्राथमिक जीवनरक्षक मदद दे सकें।
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