केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में कार्यरत नौरनौल के कमल सिंह छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। बुधवार को उनके पैतृक गांव पटीकरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर विधायक ओमप्रकाश, रिजर्व बटालियन के डीआईजी ज्ञानेंद्र, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह, एसडीएम सुरेश कासवां, डीएसपी हेड क्वार्टर राजेश कुमार शहीद के साथ आए, केंद्रीय रिजर्व पुलिस के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
नारनौल का जवान नक्सली हमले में शहीद, नम आंखों से अंतिम विदाई
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शहीद के पुत्र मनीष कुमार ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। वह तीन भाईयों में सबसे बड़ा थे। शहीद कमल सिंह पिछले करीब एक वर्ष से सीआरपीएफ में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के अनरपुर कैंप में तैनात थे। वे सीआरपीएफ की बम निष्क्रिय टीम का सदस्य थे। कमल सिंह सीआरपीएफ की 231 बटालियन में तैनात थे। इसी बटालियन में गांव पटीकरा के एसआई राजेश कुमार भी कार्यरत हैं। राजेश ने बताया कि दंतेवाड़ा के जंगलों में सड़क बनाने का कार्य चल रहा है।
अनरपुर कैंप के पास ही बम निष्क्रिय टीम के सदस्य कमल सिंह अपने साथियों के साथ रोड बनाने के स्थान का जायजा ले रहे थे। जहां नक्सली पहले से ही घात लगाकर बैठे हुए थे। जब कमल सिंह बम डिटेक्टर को लेकर वहां पर पहुंचा तो डिटेक्टर मशीन ने बम होने का संकेत नहीं दिया, और बम ब्लास्ट हो गया। जवान कुछ समझ पाते इससे पहले ही घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। इसमें कमल सिंह की मौके पर ही शहीद हो गए, इसके अलावा करीब 10 अन्य पुलिस के जवान घायल हो गए।
नम आंखों से ग्रामीणों ने दी शहीद को विदाई-
शहीद के पार्थिव शरीर को रिजर्व पुलिस के जवान जैसे ही गांव में पहुंचे तो पूरे गांव में मातम सा छा गया। वहीं शहीद के पार्थिव शरीर को उसके घर लाया गया तो उसके परिजन विलाप करने लगे। रिजर्व पुलिस के अधिकारियों व साथियों ने परिजनों का ढांढस बंधाया।
स्कूली बच्चों ने भी रैली निकाल दी विदाई-
केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल के शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए स्कूली बच्चे व हजारों की संख्या में गांव व आसपास क्षेत्र के लोग पहुंचे। वहीं इस दौरान स्कूली बच्चों ने उनकी शव यात्रा में रैली के माध्यम शहीद अमर रहे जैसे नारे लिखी पट्टियां व भारत माता की जय व वंदेमातरम के नारों के साथ अंतिम विदाई दी।